रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने पोस्ट कर पीएम मोदी से 5 सवाल पूछे और सरकार पर हमला भी बोला। राहुल गांधी ने कहा, कि इन मुद्दों पर किसानों को सफाई तो मिलनी ही चाहिए। उन्होंने कहा, यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं।
- राहुल ने सवाल किया कि, DDG आयात करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) अमेरिकी मक्का से बना चारा खिलाया जाएगा? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
- अगर हम जेनेटिकली मोडिफाइड सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
- उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब आप अतिरिक्त उत्पाद और कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
- राहुल गांधी ने पीएम मोदी से सवाल किया कि गैर-व्यापार बाधाएं हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, खरीद को कमजोर करने या MSP और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा?
संसद में भी राहुल ने उठाए थे सवाल
राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार डील को लेकर संसद में भी सवाल उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील में सरकार ने किसानों की मेहनत और खून पसीने को बेच दिया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वे दबाव में हैं। उन्होंने सरकार पर संसद में बोलने से रोकने का भी आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, ‘सरकार घबराई हुई है। जो ट्रेड डील चार महीने से रुकी हुई थी, उसमें कुछ बदला नहीं और ट्रेड डील को साइन कर दिया गया। इसके पीछे क्या कारण है, जिन्हें वे स्वयं और प्रधानमंत्री जानते हैं? कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘केंद्र सरकार पर भयंकर प्रेशर है। उनकी इमेज का जो गुब्बारा है, जिसे हजारों करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया था, वो फूट सकता है।’













