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  • केरल का नाम ‘केरलम’ होना तय, फिर केरलाइट का क्या होगा ? शशि थरूर के मन में उठे भाषाई सवाल

    नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर ने केरल का नाम केरलम किए जाने के प्रस्ताव को लेकर भाषाई सवाल उठाए हैं। वैसे केंद्रीय कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और केरल की सभी प्रमुख पार्टियां और गठबंधनों, जैसे कि सीपीएम की अगुवाई वाला एलडीएफ, कांग्रेस


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    By Azad Hind Desk फरवरी 24, 2026
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    नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर ने केरल का नाम केरलम किए जाने के प्रस्ताव को लेकर भाषाई सवाल उठाए हैं। वैसे केंद्रीय कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और केरल की सभी प्रमुख पार्टियां और गठबंधनों, जैसे कि सीपीएम की अगुवाई वाला एलडीएफ, कांग्रेस की अगुवाई वाला यूडीएफ और बीजेपी इसके समर्थन में है, इसलिए इसपर फाइनल मुहर लगना भी लगभग तय है। लेकिन, थरूर के मन में प्रश्न उठना शुरू हो चुका है कि अब ‘ केरलाइट ‘ किस नाम से जाने जाएंगे?

    केरल होगा केरलम तो केरलाइट का क्या होगा?

    शशि थरूर ने एक्स पर हैरानी जताते हुए लेकिन हल्के-फुल्के अंदाज में सवाल किया है कि अब केरलाइट का क्या होगा। उन्होंने केरल का नाम केरलम किए जाने वाली एक रिपोर्ट शेयर करते हुए प्रतिक्रिया दी है, ‘सब अच्छा है, बेशक, लेकिन हमारे जैसे अंग्रेजी बोलने वालों के बीच एक छोटा सा भाषाई सवाल है- नए केरलम के बाशिंदों के लिए ‘केरलाइट’ और ‘केरलन’ जैसे शब्दों का अब क्या होगा?’

    केरल के सीएम पर कसा चुनावी जोश वाला तंज

    शशि थरूर आगे लिखते हैं,’केरलामाइट’ माइक्रोब की तरह सुनाई पड़ता है और ‘केरलामियन’रेयर अर्थ मिनरल की तरह..! केरल के सीएम चुनावी जोश से पैदा हुए इस नए शब्द पर एक प्रतियोगिता शुरू कराना चाहते होंगे।’

    ‘परंपराओं और संस्कृति बहाल करेगा केरलम’

    वहीं, केरल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नए नाम को उचित बताते हुए उसका समर्थन किया है। एएनआई की ओर से शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने कहा है, ‘हम एक ऐसा प्रदेश बनने जा रहे हैं, जो अपनी परंपराओं और संस्कृति को फिर से बहाल करेगा और उनकी रक्षा करेगा और साथ ही आगे की सोच वाली राज्य की अर्थव्यवस्था भी बनाएगा।’

    संसद से पास होने पर ही केरल होगा केरलम

    उन्होंने यह भी कहा कि ‘यह साफ है कि प्रत्येक मलायली बदलाव चाहता है और झूठे और फर्जी वादों की राजनीति को दूर करना चाहता है और परफॉर्मेंस वाली पॉलिटिक्स लाना चाहता है।’ केरल विधानसभा ने पहले ही इसका नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा था, जैसा कि मलयालम में लिखा और उच्चारित किया जाता है। इसी प्रस्ताव पर पीएम मोदी की कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगाई है। अभी इस प्रस्ताव को संसद से भी मंजूरी दिलाने की आवश्यकता है।

    केरलम का अर्थ क्या है

    मलयालम में नारियल के पेड़ को ‘केरा’ कहते हैं और ‘अलम’ का शाब्दिक अर्थ है- भूखंड या उससे जुड़ी भूमि। मतलब ‘नारियल की भूमि’। इसी वजह से मलयालम में इसका नाम मूलरूप से केरलम रहा है। वैसे इतिहासकारों का एक वर्ग इसे ‘चेर’ राजवंश से भी जोड़ता है और दावा करता है कि केरलम शब्द ‘चेरम’ का विकृत रूप बन गया। हालांकि, जहां तक केरल की बात है तो कहा जाता है कि जब भाषाई आधार पर 1956 में राज्यों का पुनर्गठन किया जा रहा था, तो सरकारी अधिकारियों ने इसका अनुवाद अंग्रेजी में Kerala लिख दिया और उसी हिसाब से इसे हिंदी में केरल कहा जाने लगा और वही इसका आधिकारिक नाम हो गया।

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