YouTube एक्सप्रेसिव स्पीच फीचर
इस बार फोकस सिर्फ शब्दों पर नहीं, बल्कि भावनाओं पर भी है। YouTube ने एक्सप्रेसिव स्पीच नाम का फीचर लॉन्च किया है, जो फिलहाल हिंदी समेत 8 भाषाओं में है। इससे वीडियो की डबिंग मशीन जैसी नहीं लगेगी, बल्कि क्रिएटर की आवाज का उतार-चढ़ाव, जोश और इमोशन भी काफी हद तक महसूस होंगे। मतलब, अगर कोई क्रिएटर उत्साह में बोल रहा है, तो डब की गई आवाज भी उतनी ही एनर्जी के साथ सुनाई देगी।
वीडियो की रीच पर नहीं होगा असर
YouTube का स्मार्ट फिल्टर खुद पहचान लेगा कि कौन सा वीडियो डब नहीं होना चाहिए, जैसे म्यूजिक विडियो या साइलेंट व्लॉग। कंपनी का दावा है कि ऑटो डबिंग से वीडियो की रीच पर कोई निगेटिव असर नहीं पड़ेगा, बल्कि दूसरी भाषाओं में नए दर्शक मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। क्रिएटर चाहें तो अपने खुद के डब अपलोड कर सकते हैं या इस फीचर को बंद भी कर सकते हैं।
दर्शकों को भी मिलेगा पूरा कंट्रोल
नए अपडेट में दर्शकों को भी पूरा कंट्रोल दिया गया है। अब अपनी पसंदीदा भाषा सेट कर सकते हैं। अगर किसी वीडियो को उसकी मूल भाषा में ही देखना चाहते हैं, तो वह भी संभव है। जैसे कोई हॉलीवुड का विडियो अगर हिंदी में देखना चाहते हैं, तो YouTube आपको जबरन डब्ड वर्जन नहीं सुनाएगा। YouTube एक कदम और आगे बढ़ते हुए लिप सिंक टेक्नॉलजी भी टेस्ट कर रहा है। इसमें विडियो में बोलने वाले व्यक्ति के होंठ, डब की गई भाषा से मेल खाते हुए दिखेंगे, जिससे वीडियो और ज्यादा नेचुरल लगेगा।













