14 साल की उम्र में कोमा, फिर पार्किंसंस बीमारी, कांपता रहता है शरीर
मनीषा शर्मा जब 14 साल की थीं तो कोमा में चली गई थीं। उससे बाहर निकलीं तो पता चला कि वह सेकेंडरी पार्किंसंस बीमारी की चपेट में आ गई हैं। इसकी वजह से उनके शरीर में लगातार कंपन रहती है और वह कंट्रोल में नहीं रहता। हालांकि, इस बीमारी को मनीषा शर्मा ने अपने करियर और सपनों की उड़ान में रुकावट नहीं बनने दिया। वह कुकिंग के फील्ड में कुछ करना चाहती थीं, नाम कमाना चाहती थीं। अपनी इसी शिद्दत और कड़ी लगन के दम पर वह ‘मास्टरशेफ इंडिया 9’ में पहुंच गईं।
खाना बनाते हुए भी कांप रही थीं मनीषा, पिता के साथ बनाईं दो डिश
हाल ही के एपिसोड में मनीषा शर्मा ने अपनी कहानी जजों और दर्शकों को सुनाई, तो वो भी हैरान रह गए। मनीषा ने बताया कि भले ही उनका शरीर उनका साथ न देता हो, फिर भी किचन में वह मैजिक ढूंढ ही लेती हैं। मनीषा ने कहा था कि जब 14 साल की उम्र में उन्हें बुखार आया तो हेवी डोज के इंजेक्शन दिए गए, जिसके बाद उन्हें पार्किंसंस बीमारी हो गई। शो में जब मनीषा शर्मा खाना बना रही थीं, तो भी वह लगातार कांप रही थीं। शरीर का कंट्रोल नहीं था, पर मनीषा ने हौसला नहीं खोया। मनीषा शो में पिता रतन शर्मा के साथ पहुंची थीं। दोनों ने ‘टू इन वन खीर’ और ‘ट्विस्ट कबाब’ नाम की दो डिशेज तैयार कीं।
जज भावुक, सैल्यूट किया- कमजोर महसूस करेंगे तो आपकी हिम्मत याद करेंगे
उन डिशेज का प्रेजेंटेशन और स्वाद देख ‘मास्टरशेफ इंडिया 9’ के तीनों जज- कुणाल कपूर, रणवीर बरार और विकास खन्ना इम्प्रैस हो गए। तीनों जजों ने भावुक होकर मनीषा शर्मा को सैल्यूट किया। उन्होंने मनीषा की हिम्मत की दाद देते हुए कहा कि वो जब भी कमजोर महसूस करेंगे, तो मनीषा की हिम्मत को याद करेंगे। सोशल मीडिया यूजर्स भी मनीषा शर्मा के जज्बे के मुरीद हो गए और उनके वीडियोज इंटरनेट पर शेयर करने लगे। हर किसी ने उन्हें सलाम किया। मनीषा सिर्फ 12वीं क्लास तक पढ़ी हैं।
मनीषा शर्मा कहां की हैं, परिवार क्या करता है? कोमा से मास्टरशेफ तक का सफर
मनीषा शर्मा उदयपुर की रहने वाली हैं। उनका सिलेक्शन जयपुर में पहले राउंड में किया गया था। वहां मनीषा शर्मा को 100 लोगों में से चुना गया था। फिर दूसरे राउंड की बारी आई तो मनीषा को दिल्ली बुलाया गया था। यहां वह क्वालिफाई हो गईं और फिर मुंबई बुलाया गया, जहां वह पिता रतन शर्मा के साथ पहुंची थीं। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मनीषा के पिता ने बताया कि साल 2011 में बेटी को दिमागी बुखार हुआ था। तापमान कम नहीं हुआ, जिसके बाद मनीषा की बर्फ से सिकाई की गई। सिकाई से मनीषा का तापमान तो सही हो गया, पर वह कोमा में चली गईं। मनीषा के पिता के मुताबिक, उस वक्त बेटी को मेनिनजाइटिस हो गया था। उससे ठीक हुईं तो पार्किंसंस बीमारी की चपेट में आ गईं और अभी भी उसी से जूझ रही हैं।
मनीषा शर्मा का आज भी चल रहा है इलाज
पिता ने बताया कि मनीषा शर्मा का अहमदाबाद और उदयपुर में इलाज करवाया और वह आज भी चल रहा है। पिता मूल रूप से झुंझुनूं जिले के अजीतगढ़ गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने एके बिड़ला कंपनी में नौकरी की। साल 2021 में मनीषा शर्मा के पिता रिटायर हो गए और तबसे उदयपुर में ही परिवार के साथ बस गए।












