ड्रग तस्करी में नेपाल की भद्रा जेल में बंद धर्मेश भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब हो गया था। बाद में वो वापस गुजरात में आकर छिप गया। यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई क्योंकि वो गुजरात पुलिस की शातिर निगाहों से नहीं बच सका। मंगलवार को अहमदाबाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने धर्मेश को फिर से दबोच लिया है।
कौन है धर्मेश रसिकलाल
करीब 30 साल का धर्मेश रसिकलाल मूल रूप से अहमदाबाद का ही रहने वाला है। वो ड्रग्स तस्करी के रैकेट में शामिल था और पिछले साल नेपाल में पकड़ा गया था। जुलाई 2025 में वो बैंकॉक से काठमांडू आया था। एयरपोर्ट पर तलाशी के दौरान उसके पास 13 करोड़ कीमत का 13 किलो हाईब्रिड गांजा बरामद हुआ था। इसके बाद उसे काठमांडू की भद्रा सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया था।
एक महीने बाद ही हुआ फरार
हालांकि धर्मेश को एक महीने बाद ही अपनी जिंदगी का गोल्डन चांस मिल गया। नेपाल में Gen Z आंदोलन शुरू हो गया। इस दौरान हजारों कैदी जेल तोड़कर फरार होने में कामयाब हो गए। धर्मेश को भी यह मौका मिल गया। वो नेपाल की जेल से फरार होकर चुपके से भारत में घुस गया और वापस अपने शहर अहमदाबाद जाकर छिप गया।
नेपाल सरकार ने सौंपी लिस्ट
ड्रग तस्कर ये नहीं जानता था कि नेपाल सरकार ने भारत को उन सभी कैदियों की लिस्ट सौंप दी है, जो जेल तोड़कर फरार हुए हैं। नेपाल सरकार ने नई दिल्ली में सशस्त्र सीमा बल (SSB) को पूरी लिस्ट दी थी। SSB ने सभी राज्यों को ये लिस्ट फॉरवर्ड कर दी। गुजरात CID टीम को भी यह लिस्ट मिली। इस लिस्ट में दो नाम गुजरात के नागरिकों के थे। दोनों ही ड्रग केस में नेपाल की जेल में बंद थे। इनमें से धर्मेश तो पकड़ा गया, लेकिन सूरत का रहने वाला दूसरा शख्स अभी भी फरार है।
धर्मेश की सास भी शराब तस्कर
धर्मेश चुनारा का पता लगाने के लिए SOG की टीम ने अपने खबरियों को एक्टिव कर दिया। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी खंगालने शुरू किए गए। जल्द ही उसके ठिकाने का पता चल गया और उसे उसके घर से दबोच लिया गया। यह भी पता लगा है कि धर्मेश ही नहीं उसकी सास भी अहमदाबाद में शराब तस्करी करती है। जल्द ही औपचारिकताएं पूरी कर धर्मेश को वापस नेपाल सरकार को सौंप दिया जाएगा।













