AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा और राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने इस पत्र पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि कीमतों में यह ‘तेज और अचानक आई गड़बड़ी’ चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने की अफवाहों से जुड़ी हुई है। एमसीएक्स के एक प्रवक्ता ने बताया कि दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण चांदी के बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही देश के अंदर की स्थानीय वजहों ने भी घरेलू बाजार की कीमतों को प्रभावित किया है। एमसीएक्स पर जो कीमतें तय होती हैं, वे मुद्रा के उतार-चढ़ाव, आयात शुल्क और स्थानीय बाजार की चाल से बचाव का काम करती हैं। एमसीएक्स ने यह भी जोर देकर कहा कि वे कड़ी निगरानी रखते हैं और सभी नियमों का पालन करते हैं।
तो इस वजह से उछल रही है चांदी की कीमत! MCX पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप
गिरावट के बाद रिकवरी
गुरुवार को सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में शुरुआती कारोबार में करीब 20% की गिरावट आई थी, लेकिन दिन के अंत तक यह गिरावट लगभग 11% रह गई। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाले चांदी के सौदों में 2.7% की गिरावट आई, जबकि फरवरी डिलीवरी वाले सोने के सौदों में 0.8% की कमी आई।
शुक्रवार को कीमती धातुओं में जोरदार वापसी देखी गई। भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आया। फेडरल रिजर्व की अगली बैठक 27 जनवरी को होनी है।
इंटरनेशनल मार्केट में क्या स्थिति?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर 4,961.57 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो इससे पहले 4,966.59 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। फरवरी डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.1% बढ़कर 4,964.60 डॉलर प्रति औंस हो गए। स्पॉट सिल्वर 0.9% बढ़कर 97.01 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो दिन के शुरुआती कारोबार में 97.44 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा था।
गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के अंत तक सोने की कीमत का अनुमान बढ़ाकर 4,900 डॉलर से 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। कंपनी का कहना है कि निजी निवेशकों और उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों की ओर से मांग में संरचनात्मक बदलाव आया है। सोने ने साल 2025 में 64% रिटर्न दिया है। वहीं यह साल 2026 में अब तक 11% बढ़ चुका है। वहीं चांदी ने इस साल करीब 40 फीसदी रिटर्न दिया है।














