रूसी विदेश मंत्री ने भारत को लेकर क्या कहा?
लावरोव ने स्टेट ड्यूमा में एक सरकारी सेशन के दौरान कहा, “हमारे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि सबसे ऊंचे लेवल पर हुए समझौते, और दोनों देशों – रूस और भारत – की सरकारों के बीच हुए समझौते किसी खतरे में हैं।” लावरोव ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा किसी ने यह नहीं कहा है कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। उन्होंने आगे कहा, “आपने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया है। मैंने ऐसा बयान किसी और से नहीं सुना है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या दूसरे भारतीय प्रतिनिधि भी शामिल हैं।”
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका पर रूस सख्त
रूसी विदेश मंत्री ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बढ़ने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, अगर ग्रीनलैंड का इस तरह से सैन्यीकरण किया जाता है जिससे रूसी सुरक्षा को खतरा हो, तो रूस कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “बेशक, ग्रीनलैंड के सैन्यीकरण और रूस को टारगेट करके वहां मिलिट्री क्षमताएं बनाने की स्थिति में, हम मिलिट्री-टेक्निकल कदमों सहित काफी जवाबी कार्रवाई करेंगे।” लावरोव ने ग्रीनलैंड के आसपास की स्थिति को बड़ी ग्लोबल अस्थिरता से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से पता चलता है कि दुनिया गहरे और लंबे समय तक चलने वाले बदलाव के दौर में आ गई है।
क्या भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया?
भारत के रूसी तेल खरीदना बंद करने का दावा अमेरिका की तरफ से किया गया है। अभी तक भारत की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। भारत ने रूसी तेल खरीद बंद करने के दावे को न तो स्वीकारा है और ना ही इससे इनकार किया है। हालांकि, माना जा रहा है कि भारत अब भी रूस से तेल खरीद जारी रखे हुए है, भले ही इसकी मात्रा कम हुई है। इस बीच ऐसी भी खबरें हैं कि भारतीय आयात में कमी के कारण बचा रूसी तेल चीन खरीद रहा है।













