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  • क्‍या सही है और क्‍या गलत, एंथ्रोपिक के AI को‍ फर्क सिखा रही 37 साल की यह महिला कौन?

    आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट इतने एडवांस हो गए हैं कि इंसान के लगभग हर सवाल का जवाब देने में वो सक्षम हैं। एआई को इस मुकाम तक पहुंचाने का श्रेय इंसान को ही जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एंथ्रोपिक के एआई चैटबॉट क्‍लाउड (Claude) को यह सिखाने की जिम्‍मेदारी कि क्‍या सही है और


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    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
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    आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट इतने एडवांस हो गए हैं कि इंसान के लगभग हर सवाल का जवाब देने में वो सक्षम हैं। एआई को इस मुकाम तक पहुंचाने का श्रेय इंसान को ही जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एंथ्रोपिक के एआई चैटबॉट क्‍लाउड (Claude) को यह सिखाने की जिम्‍मेदारी कि क्‍या सही है और क्‍या गलत, एक महिला को दी गई है। 37 साल की अमांडा एस्‍केल एक जानी-मानी फ‍िलॉसफर हैं। वह एआई चैटबॉट को यह समझने में मदद करती हैं कि क्‍या सही है और क्‍या गलत।

    गांव की रहने वालीं, ऑक्‍सफोर्ड से पढ़ीं

    वॉल स्‍ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट (ref.) के अनुसार, अमांडा एस्‍केल, स्‍कॉटलैंड के एक गांव की रहने वाली हैं। उन्‍होंने ऑक्‍सफोर्ड से पढ़ाई की है। न्‍यू यॉर्क यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर चुकी हैं। एंथ्रोपिक के साथ काम करने से पहले अमांडा, ओपनएआई से जुड़ी थीं जहां वह एआई सेफ्टी और पॉलिसी पर काम कर रही थीं। मौजूदा वक्‍त में अमांडा के पास क्‍लाउड को नैतिक शिक्षा देने की जिम्‍मेदारी है। वह क्‍लाउड की पर्सनैलिटी पर भी काम कर रही हैं। अमांडा को क्‍लाउड को इस तरह से ट्रेनिंग देनी है कि वह सुरक्ष‍ित तरीके से यूजर्स को मदद पहुंचाए।

    क्‍यों दी जा रही है एआई को नैति‍क शिक्षा?

    एआई चैटबॉट को नैतिक श‍िक्षा देने का मकसद यही है कि जब इंसानों के साथ वह कम्‍युनिकेट करे तो बातचीत से भटके नहीं। ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं, जिनमें एआई टूल ने अपने यूजर को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाया। एलन मस्‍क की एआई कंपनी xAi के चैटबॉट ग्रोक की कारस्‍तान‍ियां कौन भूल सकता है। पिछले साल ऐसे मामले देखने को मिले जिसमें ग्रोक ने अपने यूजर्स को गालियां तक दीं। एंथ्राेप‍िक के क्‍लाउड को लेकर ऐसा कोई बड़ा विवाद अब तक सामने नहीं आया है।

    ‘खुद की समझ विकस‍ित कर लेगा एआई’

    एआई चैटबॉट के साथ काम का लंबा अनुभव रखने वालीं अमांडा एक इंटरव्‍यू में कह चुकी हैं कि हर मॉडल में इंसानों जैसा एलिमेंट होता है। अमांडा का मानना है कि आगे चलकर एआई खुद की समझ बना लेगा। अमांडा जब क्‍लाउड से बात करती हैं तो वह उसे सोचने के तरीके सिखाती हैं। वह चैटबॉट के साथ गहराई से बात करती हैं ताकि उसमें इमोशंस को समझने की कला और मजबूत हो। अमांडा को ज‍िम्‍मेदारी दी गई है कि उनका सिस्‍टम, मुश्किल सवालों के जवाब दे सके। वह राजनीतिक रूप से सही बातें करे।

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