पुणे की ग्रामीण पुलिस लुटेरों के ऐसे पीछे पड़ी कि उन्होंने जमीन तो क्या पानी तक में पीछा नहीं छोड़ा। उन्हें पकड़ने के लिए नदी में कूद पड़े और लुटेरों को पकड़ लिया। यह मामला क्या है, आखिर क्या हुआ था, कैसे लुटेरे पकड़े गए..आइए सब डिटेल में जानते हैं।
ज्वेलरी की दुकान पर लूट
बात 26 दिसंबर की है जब दिन-दहाड़े लूट को अंजाम दिया गया। दोपहर करीब 12.30 बजे खानापुर के हवेली तालुका के पुणे- पंशेट रोड़ की एक ज्वेलरी शॉप में 4 नकाबपोश लुटेरे घुस गए। एक लुटेरा दुकान के बाहर ही रुक गया। दुकान का मालिक अमोल बाबर और दो महिला स्टाफकर्मी उस समय दुकान के भीतर थे। लुटेरों ने धारदार हथियार से उन्हें डराना धमकाना शुरू कर दिया। स्टाफ ने अलार्म बजाकर पुलिस को बुलाने की कोशिश की। लेकिन लुटेरों ने धावा बोल दिया। काउंटर में तोड़-फोड़ कर उन्होंने 1 करोड़ से ज्यादा की ज्वेलरी और कैश अपने बैग में भर लिया। इस दौरान उन्होंने दुकान के मालिक के साथ मारपीट की और स्टाफ को बुरी तरह से धमकाया।
बाइक से हुए फरार
लूटपाट करने के बाद लुटेरे बाहर खड़ी दो बाइक्स से फरार हो गए। इससे पहले उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरोंको भी तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस को खबर की गई और पुलिस लुटेरों को दबोचने की कोशिश में जुटी गई। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने 6 टीमों का गठन किया। साथ में स्थानीय क्राइम ब्रांच ने भी मोर्चा संभाला। सबसे पहले बाइक की मूवमेंट की फुटेज खंगालनी शुरू हुई। पता चला कि लुटेरे सिंगापुर गांव के जंगलों की ओर भागे हैं।
क्रिकेट का चस्का ले डूबा!
पुलिस ने इस इलाके में छानबीन करना शुरू कर दिया। इस बीच वहां एक लोकल क्रिकेट मैच चल रहा था। जानकारी के मुताबिक 2 लुटेरे वहीं खड़े होकर मैच देखने में लगे हुए थे। तभी पुलिस ने उन्हें पहचान लिया। पुलिस को आता देख वो वहां से भाग खड़े हुए। वो बाइक से नदी की ओर भागे। लेकिन रास्ता उबड़-खाबड़ देख वो बाइक छोड़ पैदल ही दौड़ने लगे। पुलिस भी कहां पीछा छोड़ने वाली थी। उन्होंने भी गाड़ी छोड़ी और पीछा करने लगी।
नदी में कूद गए लुटेरे
रास्ता खत्म हो गया था और सामने नदी थी। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध लुटेरे नदी में कूद गए। पुलिस भी हार मानने को तैयार नहीं थी। दो पुलिसकर्मी नदी में कूद पड़े। लेकिन वे लुटेरों का पीछा करने के बजाय दूसरी तरफ नदी के छोर पर तेजी से तैरने लगे। जैसे ही लुटेरे नदी किनारे वहां पहुंचे, उन्हें दबोच लिया गया। इन दोनों लुटेरों की 20 साल और 23 साल ही है। एक का नाम अंकुश डगु कचरे तो दूसरे का नाम गणेश भाम्बू कचरे है। बाकी 3 संदिग्ध तो नाबालिग बताए जा रहे हैं। सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।














