इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार 8 जनवरी को जारी किए गए नए दिशानिर्देशों में क्रिप्टो एक्सचेंजों को वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर माना गया है। इसका मतलब है कि अब वे सिर्फ डॉक्यूमेंट अपलोड करने की सुविधा नहीं दे पाएंगे। उन्हें ग्राहकों की पहचान और लोकेशन की लाइव जांच करनी होगी।
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पहचान होगी वेरिफाई
इन दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि VDA ट्रांजैक्शन की गुमनाम और तुरंत होने वाली नेचर को देखते हुए सभी रिपोर्टिंग एंटिटीज (REs) को ग्राहकों की पहचान के लिए एक मजबूत प्रक्रिया (Client Due Diligence – CDD) अपनानी होगी।
- यह सब इसलिए होगा क्योंकि इन सर्विस का इस्तेमाल अवैध कामों जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने और हथियारों के प्रसार के लिए किया जा सकता है।
- क्लाइंट ड्यू डिलिजेंस (CDD) प्रक्रिया में अब ग्राहकों की पहचान उनकी ओर से दी गई जानकारी और डॉक्यूमेंट के जरिए की जाएगी।
- साथ ही ग्राहक की पहचान को भरोसेमंद और स्वतंत्र स्रोतों से वेरिफाई भी किया जाएगा।
आईपी एड्रेस भी होगा महत्वपूर्ण
- रिपोर्टिंग एंटिटीज (REs) को ग्राहकों की पहचान के लिए उनसे IP एड्रेस (टाइमस्टैंप के साथ), जियो-लोकेशन, डिवाइस आईडी, VDA वॉलेट एड्रेस और ट्रांजैक्शन हैश जैसी अतिरिक्त चीजें भी इकट्ठी करनी होंगी।
- ये सब वेरिफिकेशन, ऑथेंटिकेशन, मॉनिटरिंग और रिस्क असेसमेंट के लिए जरूरी माने जाते हैं।
- ग्राहकों का परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) लेना और उसे वेरिफाई करना अनिवार्य होगा। फिर चाहे वह ऑनबोर्डिंग के लिए हो या किसी भी VDA से जुड़े काम के लिए।
- REs को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपनी CDD प्रक्रियाओं के तहत इस आवश्यकता का पालन करें।
ये चीजें भी होंगी जरूरी
- ग्राहक के बैंक खाते का भी वेरिफिकेशन होगा। इसके लिए ‘पेनी-ड्रॉप’ मैकेनिज्म (एक छोटी राशि भेजकर खाते की पुष्टि करना) के जरिए किया जाएगा। इससे खाते के मालिक होने और उसके चालू होने, दोनों की पुष्टि हो सकेगी।
- पैन (PAN) के अलावा ग्राहकों को एक दूसरा पहचान पत्र जैसे पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी भी देना होगा।
- ईमेल आईडी और फोन नंबर के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) वेरिफिकेशन भी कराना होगा।
क्या है इंडस्ट्री एक्सपर्ट की राय?
Mudrex के सीईओ Edul Patel ने कहा, ‘हम FIU-IND के अपडेटेड दिशानिर्देशों का स्वागत करते हैं। यह भारत के क्रिप्टो इकोसिस्टम के लिए एक सकारात्मक और समय पर उठाया गया कदम है।’ वजीरएक्स (WazirX) के फाउंडर निश्चल शेट्टी ने कहा कि प्रमुख भारतीय एक्सचेंज पहले से ही वैश्विक स्तर की प्रक्रिया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफआईयू की ओर से जरूरी किए गए नए नियम अनिवार्य रूप से उन मौजूदा नियमों का औपचारिकीकरण हैं जिनका एक्सचेंजों को पालन करना था। उन्होंने बताया कि अब नियम स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं।














