ईरान ने बनाया परमाणु हथियार तो मध्य पूर्व को खतरा
जेडी वेंस ने मेगिन केली के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “अगर ईरानियों को न्यूक्लियर हथियार मिल जाते हैं, तो आपको पता है कि अगले ही दिन किसे न्यूक्लियर हथियार मिलेंगे? सऊदी अरब और फिर खाड़ी के अरब देशों में किसी और को।” वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे में दुनिया भर में परमाणु हथियारों के खतरे को कम करना सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को 2000 के दशक की शुरुआत में इराक संघर्ष के दौरान की गई गलतियों को दोहराने में “कोई दिलचस्पी नहीं है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका को कूटनीतिक बातचीत और कड़े रुख के बीच सावधानी से संतुलन बनाने की जरूरत है।
ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेगा अमेरिका
वेंस ने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। यह अमेरिका के राष्ट्रपति का घोषित नीतिगत लक्ष्य है।” वेंस ने आगे कहा, “राष्ट्रपति जो करने जा रहे हैं, वह यह है कि वह अपने विकल्प खुले रखेंगे। वह सबसे बात करेंगे। वह गैर-सैन्य तरीकों से जो कुछ भी कर सकते हैं, उसे हासिल करने की कोशिश करेंगे। अगर उन्हें लगता है कि सेना ही एकमात्र विकल्प है, तो वह आखिरकार उसी विकल्प को चुनेंगे।”
क्या ट्रंप ईरान को वेनेजुएला की तरह चलाएंगे?
जब केली ने शासन के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान के भविष्य के बारे में वेंस से सवाल किया। इस पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप इन सभी बातों से बहुत अच्छी तरह वाकिफ हैं।” उन्होंने कहा, “एक आदर्श दुनिया में, मुझे बहुत अच्छा लगेगा अगर आज़ादी पसंद करने वाले कुछ ईरानी… अपने देश पर कब्जा कर लें और एक ऐसी सरकार हो जो संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कहीं ज्यादा दोस्ताना हो? … बिल्कुल, यह एक अच्छी बात होगी।”













