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  • खाड़ी देशों में तनाव और ईरान संकट के बीच UAE के राष्ट्रपति आ सकते हैं भारत? जानें क्या है वजह

    नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत दौरे पर आ सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी देशों, खासकर UAE और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ रहा है। साथ ही, ईरान को लेकर क्षेत्रीय समीकरण भी बदल रहे हैं। ऐसे


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    By Azad Hind Desk जनवरी 18, 2026
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    नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत दौरे पर आ सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी देशों, खासकर UAE और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ रहा है। साथ ही, ईरान को लेकर क्षेत्रीय समीकरण भी बदल रहे हैं। ऐसे वक्त में भारत और यूएई अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक, यूएई के राष्ट्रपति का ये भारत दौरा महज आधे दिन का हो सकता है।

    पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति अच्छे दोस्त

    दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं। इसी मजबूत रिश्ते की वजह से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध तेजी से आगे बढ़े हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच पिछले दस सालों में होने वाली कई बड़ी मुलाकातों में से एक होगा। इससे पहले, मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 2016 और 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के तौर पर भारत आए थे।

    इन अहम बैठकों में शामिल हुए हैं यूएई के राष्ट्रपति

    सितंबर 2023 में, नाहयान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनकर जी20 लीडर्स समिट में शामिल हुए थे। इसके बाद, नवंबर 2023 में उन्होंने वर्चुअल ग्लोबल साउथ समिट में भी हिस्सा लिया। जनवरी 2024 में, वे गुजरात में 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के मुख्य अतिथि थे।
    पिछले पांच सालों में भारत और यूएई के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं।

    कैसे करीब आ रहे इंडिया और यूएई

    2022 में हुआ कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) एक बड़ा कदम साबित हुआ है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बहुत बढ़ा है। 2025 में, दोनों देशों के बीच गैर-तेल व्यापार 37.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 34 फीसदी ज्यादा है। इससे यह उम्मीद है कि 2030 तक दोनों देश 100 अरब डॉलर के गैर-तेल व्यापार का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

    क्यों अहम है दोनों देशों की ये दोस्ती

    यूएई भारत में विदेशी निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत है। साल 2000 से अब तक यूएई ने भारत में 22 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। यह निवेश भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस तरह के निवेश से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और मजबूत होता है।
    ऐसे में दोनों ही देशों की ये दोस्ती कई मायनों में अहम है।

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