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  • खामेनेई का ट्रंप को करारा जवाब: एयरक्राफ्ट कैरियर से मत डराओ, उसे डुबोने वाला हथियार ईरान के पास

    तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। खामेनेई ने कहा है कि अगर अमेरिका अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को भेजता है तो उसे डुबाने वाला हथियार ईरान के पास है। उन्होंने अमेरिका की सैन्य ताकत को भी चुनौती दी और कहा कि कभी-कभी दुनिया की


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    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
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    तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। खामेनेई ने कहा है कि अगर अमेरिका अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को भेजता है तो उसे डुबाने वाला हथियार ईरान के पास है। उन्होंने अमेरिका की सैन्य ताकत को भी चुनौती दी और कहा कि कभी-कभी दुनिया की सबसे मजबूत मिलिट्री पर भी ऐसा हमला हो सकता है को वह फिर से उठ न सके। खामेनेई का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार के उस ऐलान के बाद आया है कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड कैरिबियन से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी।

    खामेनेई ने अमेरिका को दी धमकी

    खामेनेई ने कहा, “वे कहते रहते हैं कि हमने ईरान की तरफ एक एयरक्राफ्ट कैरियर भेजा है। खैर, एक एयरक्राफ्ट कैरियर निश्चित रूप से एक खतरनाक टूल है, लेकिन एयरक्राफ्ट कैरियर से भी ज्यादा खतरनाक वह हथियार है जो इस वॉरशिप को समुद्र की गहराई में भेज सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति कहते रहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे मजबूत मिलिट्री फोर्स है। दुनिया की सबसे मजबूत मिलिट्री फोर्स पर कभी-कभी इतना जोरदार हमला हो सकता है कि वह फिर उठ न सके।”

    वे कहते रहते हैं कि हमने ईरान की तरफ एक एयरक्राफ्ट कैरियर भेजा है। खैर, एक एयरक्राफ्ट कैरियर निश्चित रूप से एक खतरनाक टूल है, लेकिन एयरक्राफ्ट कैरियर से भी ज्यादा खतरनाक वह हथियार है जो इस वॉरशिप को समुद्र की गहराई में भेज सकता है।
    अयातुल्लाह अली खामेनेई

    ट्रंप ने ईरान को नतीजे भुगतने की चेतावनी दी

    ट्रंप ने फ्लोरिडा से लौटते समय एयर फोर्स वन में रिपोर्टरों से कहा, “आमतौर पर, ईरान बहुत सख्त बातचीत करने वाला है। मुझे उम्मीद है कि वे और ज्यादा समझदारी से काम लेंगे। वे एक समझौता करना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि वे डील न करने के नतीजे भुगतना चाहते हैं।” ट्रंप ने हाल की सैन्य कार्रवाई की ओर भी इशारा करते हुए कहा, “उनके पास एक महीने के अंदर न्यूक्लियर हथियार होते। अगर ऐसा होता तो यह पूरी तरह से एक अलग समझौता होता।”

    ईरान-अमेरिका में परमाणु वार्ता

    अमेरिका और ईरान जिनेवा में अगले दौर की परमाणु वार्ता कर रहे हैं। इसमें अमेरिका की ओर से ट्रंप के मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। वहीं, ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद हैं। ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। वह 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जो हथियारों के ग्रेड के बेहद करीब है। ट्रंप प्रशासन ने दो टूक कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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