अराघची ने कहा- किसी व्यक्ति पर निर्भर नहीं सिस्टम
अराघची ने आगे कहा कि ‘हमारा सिस्टम किसी खास पर निर्भर नहीं है। यह लोगों के समर्थन से है। इसलिए मुझे कुछ भी चिंता नहीं है। यहां तक कि युद्ध के बीच में भी कुछ नहीं बिगड़ा और हम अपना सेल्फ डिफेंस जारी रख पाए।’ ईरानी मंत्री पिछले साल जून में इजरायल के साथ 12 दिनों के लिए युद्ध के बारे में बात कर रहे थे। इसी इंटरव्यू में उन्होंने अयातुल्ला खुमैनी का उदाहरण दिया और बताया कि उनकी मौत के 24 घंटे के भीतर दूसरा सुप्रीम लीडर चुन लिया गया था।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका का जंगी बेड़ा
अराघची की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी ने अपना विशाल जंगी बेड़ा मिडिल ईस्ट के आस-पास तैनात किया है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम पर डील नहीं करता है तो उसके साथ बहुत बुरा होगा। मिडिल ईस्ट में भारी सैन्य तैनाती को देखते हुए ईरान पर अमेरिकी हमले की अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच बृहस्पतिवार को अमेरिका और ईरान परमाणु वार्ता के लिए जेनेवा में मिलने वाले हैं।
अमेरिका के साथ टकराव पर ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वे ‘युद्ध और शांति, दोनों विकल्प के लिए तैयार हैं।’ हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत में एक सही और बैलेंस्ड समझौता हो सकता है। डील के बारे में उन्होंने कहा कि हम कुछ हद तक समझ बनाने में कामयाब रहे हैं और मुझे लगता है कि उन समझ के आधार पर, हम एक डील के रूप में कुछ बना सकते हैं।
हिजबुल्लाह ने दी युद्ध में शामिल होने की धमकी
इस बीच ईरान के प्रॉक्सी कहे जाने वाले लेबनान के शिया हथियारबंद समूह हिजबुल्लाह ने धमकी दी है कि अगर खामेनेई को निशाना बनाया गया तो वह युद्ध में शामिल होगा। बुधवार को हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने AFP से कहा कि अगर अमेरिका ईरान के किलाफ सीमित हमले करता है तो लेबनानी समूह सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। अधिकारी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को रेडलाइन बताया और कहा कि इस पर वह मिलिट्री ताकत का इस्तेमाल करेगा।













