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  • गगनयान का पहला बिना क्रू वाला मिशन कब तक लॉन्च होने की संभावना है? नई जानकारी आई सामने

    नई दिल्लीः भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान की समयसीमा एक बार फिर बदल गई है। संशोधित डेडलाइन के बावजूद अब तक पहली बिना चालक (अनक्रूड) उड़ान नहीं हो सकी है। अब नई समयरेखा के मुताबिक, गगनयान की पहली अनक्रूड मिशन HLVM3 G1/OM1 के इस साल मार्च से पहले लॉन्च होने की संभावना जताई


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    By Azad Hind Desk जनवरी 3, 2026
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    नई दिल्लीः भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान की समयसीमा एक बार फिर बदल गई है। संशोधित डेडलाइन के बावजूद अब तक पहली बिना चालक (अनक्रूड) उड़ान नहीं हो सकी है। अब नई समयरेखा के मुताबिक, गगनयान की पहली अनक्रूड मिशन HLVM3 G1/OM1 के इस साल मार्च से पहले लॉन्च होने की संभावना जताई जा रही है। इस मिशन में बिना दाब वाला यानी अनप्रेसराइज्ड क्रू मॉड्यूल इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद पूरे मिशन प्रोफाइल का प्रदर्शन करना है-मानव-रेटेड लॉन्च व्हीकल के जरिए अंतरिक्ष यान को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजना, क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित री-एंट्री, समुद्र में सफल स्प्लैशडाउन और मॉड्यूल की रिकवरी।

    डेडलाइन क्यों बदली?

    गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में लाल किले से की थी। तब लक्ष्य 2021 रखा गया था, जब भारत आजादी के 75 साल मना रहा था। लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान सप्लाई चेन और निर्माण से जुड़ी चुनौतियों के कारण मिशन में देरी हुई। इसके बाद तय की गई कई समयसीमाएं भी पूरी नहीं हो सकीं। वित्त वर्ष 2022 में इसरो ने अगले साल कम से कम एक मिशन का वादा किया। फिर वित्त वर्ष 23 और वित्त वर्ष 24 के लिए लक्ष्य शून्य कर दिया गया। वित्त वर्ष 25 में दो मिशनों की बात कही गई। ताजा वार्षिक रिपोर्ट में वित्त वर्ष 26 में तीन मिशनों का लक्ष्य रखा गया है, जो फिलहाल मुश्किल नजर आता है।

    लॉन्च की तैयारी और सिस्टम टेस्ट

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इसरो ने दिसंबर 2024 में गगनयान के लिए ‘ऑफिशियल लॉन्च कैंपेन’शुरू किया। इसमें 18 दिसंबर 2024 से रॉकेट के पहले चरण के सॉलिड मोटर की असेंबली शुरू हुई। क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के एकीकरण का काम भी शुरू हो चुका है। जनवरी 2025 तक क्रू मॉड्यूल में प्रोपल्शन सिस्टम और अन्य अहम सिस्टम जोड़कर आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा गया।

    हालांकि मिशन अभी लॉन्च नहीं हुआ है, लेकिन कई अहम सिस्टम्स का परीक्षण पूरा हो चुका है। क्रू एस्केप सिस्टम के हाई एल्टीट्यूड, लो एल्टीट्यूड और जेटिसनिंग मोटर्स की टेस्टिंग हो चुकी है। थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और 10 पैराशूट वाले रिकवरी सिस्टम का भी सफल परीक्षण किया गया है, ताकि समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षा की निगरानी करने वाले ह्यूमन रेटिंग सर्टिफिकेशन बोर्ड (HRCB) ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जरूरी कई उपकरणों—जैसे इमरजेंसी सर्वाइवल किट, भोजन कंटेनर और डोज़ीमीटर को भी प्रमाणित किया है। इसके अलावा, इसरो ने गगनयान एनालॉग एक्सपेरिमेंट (Gyanex) मिशनों की भी शुरुआत की है।

    आगे की तैयारी और कैलेंडर

    शुरुआत में गगनयान के तहत तीन मिशन दो बिना चालक और एक चालक सहित योजना में थे, जिसे 2024 में बढ़ाकर आठ मिशन कर दिया गया। नए कार्यक्रम में छह अनक्रूड और दो क्रूड मिशन शामिल हैं। इनमें 2028 के लिए प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन) का पहला मॉड्यूल भी शामिल है।

    मौजूदा समयरेखा के अनुसार, पहली अनक्रूड उड़ान इस साल की पहली तिमाही में हो सकती है, जबकि पहली मानव उड़ान 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में ही संभव लगती है। इसके चलते बाकी मिशनों में भी देरी तय मानी जा रही है। इसरो ने फिर से एक महत्वाकांक्षी लॉन्च कैलेंडर तय किया है, जिसमें गगनयान के अलावा उद्योग द्वारा निर्मित पहले PSLV का प्रक्षेपण, कई पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों की लॉन्चिंग, एक तकनीकी प्रदर्शन मिशन और एक वाणिज्यिक SSLV मिशन भी शामिल हैं।

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