सांसद ने एक्स पर सुनाई आपबीती
दरअसल चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने एक्स पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह तो अपने गंतव्य बेलगावी पहुंच गए, लेकिन उनका सामान वहां नहीं पहुंचा। एयरलाइन स्टाफ के पास सामान की लोकेशन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। सांसद ने इसे ‘अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना’ और ‘गंभीर असुविधा’ करार दिया है।
इंडिगो एयरलाइन की व्यवस्था पर उठाए सवाल
सांसद के गायब बैग में बेहद जरूरी और कीमती सरकारी/निजी दस्तावेज मौजूद हैं। सामान न मिलने के कारण उन्हें तुरंत जरूरी कपड़े और निजी सामान खरीदने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक सांसद को ऐसी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, तो आम यात्रियों की स्थिति क्या होती होगी?
मंत्री और इंडिगो CEO से मांगा जवाब
सांसद ने इस मामले को सीधे शीर्ष स्तर पर उठाते हुए इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को टैग करते हुए कहा यह इंडिगो परिचालन मानकों में गहरी गिरावट को दर्शाता है। इसमें तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। आज सुबह खबर लिखे जाने तक मामले पर एयरलाइन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
हर एयरलाइन का बुरा हाल
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों के सामान के खोने या गलत प्रबंधन की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसतन हर 72 में से 1 सामान एयरलाइन खो देती है या उसे मिसहैंडल किया जाता है। कुछ एयरलाइंस के मामले में तो यह आंकड़ा 36 में से 1 तक पहुंच जाता है।
हर पांच में से दो यात्रियों को हो रही परेशानी
2024 के आंकड़ों के अनुसार, हर 5 में से 2 यात्रियों ने पिछले दो वर्षों में सामान के खोने या देरी का सामना किया है। करीब 50% (2 में से 1) यात्रियों का सामान यात्रा के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ है। इंडिगो में यह दर 114 में से 1 सामान की है, जबकि स्पाइसजेट में हर 72 में से 1 यात्री का बैग खो जाता है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राहत की बात यह है कि 66% से अधिक मिसहैंडल किया गया सामान 48 घंटों के भीतर रिकवर कर लिया जाता है।













