रोबोट यूनिट्री जीओ2 था जिसे चीनी कंपनी ने बनाई थी
इस वीडियो के प्रसारित होते ही सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बताया कि यह रोबोट असल में यूनिट्री जीओ2 था, जिसे चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स ने बनाया है और इसका दुनिया भर में शोध और शिक्षा में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले पर विवाद होने के बाद विश्वविद्यालय को एआई समिट में आवंटित स्टॉल खाली करने का निर्देश दे दिया गया है।
यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता मे बताई गलती की वजह
विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम एआई शिखर सम्मेलन में पैदा हुए असमंजस के लिए माफी मांगना चाहते हैं। पवेलियन में मौजूद हमारे एक प्रतिनिधि को गलत जानकारी थी।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह रोबोट कहां का बना हुआ है। कैमरे पर आने के जोश में, उन्होंने गलत जानकारी दी, जबकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था। नवोन्मेष को गलत तरीके से दिखाने का हमारी कोई मंशा नहीं थी।’’
इससे पहले सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक ऐसी चीजें दिखाए जो उनकी अपनी नहीं हैं। उन्होंने आयोजकों द्वारा गलगोटिया विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल हटाने के निर्देश पर कहा, ‘‘हम उत्पादों का इस तरह का प्रदर्शन नहीं चाहते हैं।’’













