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  • गलगोटिया वाला नहीं, ये भारत का असली रोबो डॉग PARAM है, जानें क्या खास इसमें?

    India AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन के एक रोबो डॉग को खुद का बताया, जिसके बाद से यूनिवर्सिटी विवाद में घिरी हुई है। लेकिन सिर्फ चीन ही नहीं है, जिसने रोबो डॉग बनाया है। भारत की एक कंपनी ने भी दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में नई


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    By Azad Hind Desk फरवरी 21, 2026
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    India AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन के एक रोबो डॉग को खुद का बताया, जिसके बाद से यूनिवर्सिटी विवाद में घिरी हुई है। लेकिन सिर्फ चीन ही नहीं है, जिसने रोबो डॉग बनाया है। भारत की एक कंपनी ने भी दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में नई टेक्नोलॉजी और देसी इनोवेशन दिखाया। बेंगलुरु की रोबोटिक्स स्टार्टअप जनरल ऑटोनॉमी ( General Autonomy ) ने अपना चार पैरों वाला रोबोट ‘परम’ पेश किया, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। कंपनी ने परम को भारत का सबसे ताकतवर देसी रोबोट डॉग बताते हुए साफ-साफ कहा कि परम को बाहर से लाए गए पार्ट्स से असेंबल नहीं किया गया है। इसे भारतीय इंजीनियरों ने शुरू से बनाया है।

    भारत में बनाया गया रोबोट

    गलगोटिया यूनिवर्सिटी में चल रहे विवाद के बीच एक भारतीय स्टार्टअप द्वारा बनाया गया चार पैरों वाले रोबोट का वीडियो ऑनलाइन सामने आए है। इसका नाम PARAM नाम है। इसे बेंगलुरु के स्टार्टअप जनरल ऑटोनॉमी ने बनाया है। कंपनी ने इसे पूरी तरह से देसी मशीन बताया है। इसका मतलब है कि इसे भारत में असेंबल नहीं बल्कि बनाया गया है।

    स्टार्टअप ने X पर एक पोस्ट में वीडियो शेयर करते हुए कहा, “बहुत हो गई ये बकवास! पेश है PARAM: भारत का सबसे ताकतवर देसी रोबोट डॉग। असेंबल नहीं किया गया, खरीदा नहीं गया, भारत में बनाया गया, भारतीयों ने बनाया। हमारे देश के लिए, हमारी सदी के लिए, हमारी दुनिया के लिए।”

    बेंगलुरु में एक स्ट्रीट डॉग के साथ परम ने की बात

    इतना ही नहीं कंपनी ने एक पुरानी पोस्ट भी पिन की है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोबोट दिखाया जा रहा है। दिसंबर, 2025 में कंपनी ने एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में PARAM बेंगलुरु में एक स्ट्रीट डॉग के साथ बातचीत करता हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के जरिए रोबो डॉग की चलने-फिरने और सेंसिंग की क्षमता को दिखाया गया था।

    30 सेमी ऊंची सीढ़ा चढ़ सकता है

    अगर रोबो डॉग के फीचर्स की बात करें तो स्टार्टअप के शेयर किए गए एक वीडियो में परम बेंगलुरु के ट्रैफिक में बिना किसी रुकाबट के आसानी से चलता हुआ दिख रहा है। रोगो डॉग की खासियत में यह रुकावटों का पता लगा सकता है, 30 सेमी तक ऊंची सीढ़ियां भी चढ़ सकता है। इतना ही नहीं, यह नीची जगहों से आसाम से निकलने के लिए केकड़े की तरह भी चल सकता है। कंपनी के मुताबिक, यह ऑटोनॉमस नेविगेशन ट्रैकिंग को सपोर्ट करता है और गिरने के बाद खुद ही खड़ा भी हो जाता है।

    कब आएगा रोबो डॉग?

    अगर हम बात करें इस भारतीय रोबो डॉग को भारत में कब लाया जाएगा तो टीम के अनुसार, परम का डेवलपमेंट लगभग पिछले सात महीने से चल रहा है। कंपनी ने X पर बताया है कि अभी समय का अंदाजा लगाना मुश्किल है क्योंकि हमने इसे बनाने के लिए अपने ह्यूमनॉइड से बहुत कुछ सीखा है, लेकिन यह प्रोजेक्ट अब लगभग 7 महीने से चल रहा है और हम हर दो हफ्ते में इसे बेहतर बना रहे हैं। परम को देखकर लग रहा है कि वो दिन ज्यादा दूर नहीं है जब मार्केट में भारतीय रोबो डॉग लोगों की मदद करता नजर आएगा।

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