क्या करता है Airtel का नया सिस्टम?
जानकारी के अनुसार, एयरटेल का नया AI-पावर्ड सिस्टम संदिग्ध परिस्थितियों की पहचान करके ग्राहकों को समय रहते सचेत करता है। स्पैम कॉल के दौरान जैसे ही बैंक से भेजा गया OTP डिटेक्ट होता है, तो एयरटेल तुरंत ‘फ्रॉड अलर्ट’ के जरिये ग्राहक को चेतावनी देता है कि कॉल पर रहते हुए बैंकिंग ट्रांजैक्शन का OTP शेयर करना खतरनाक हो सकता है। कंपनी इस काम में एआई का इस्तेमाल कर रही है।
क्या कहना है कंपनी का?
एयरटेल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शाश्वत शर्मा ने बताया कि हम एयरटेल को एक सेफ नेटवर्क बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डिजिटल ट्रांजैक्शन को सेफ रखने में OTP की अहम भूमिका है। इसके बावजूद अपराधी अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी की कोशिश में जुटे हैं। हमने एआई-पावर्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। यह लोगों को जोखिम भरे नंबर पर ओटीपी शेयर करने के दौरान सचेत करेगा। अभी इस सुविधा को हरियाणा में लाया गया है। अगले 2 सप्ताह में सभी एयरटेल यूजर्स को इसका फायदा मिलने लगेगा।
71 अरब स्पैम कॉल्स की पहचान
एयरटेल ने बताया है कि उसने साल 2024 में अपना एआई बेस्ड स्पैम फिल्टर लॉन्च करने के बाद से अबतक 71 अरब से ज्यादा स्पैम कॉल्स की पहचान की है। साथ ही 2.9 अरब टेक्स्ट मैसेज को पहचाना है, जो ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का इरादा रखते थे। कंपनी के अनुसार, उसने वॉट्सऐप पर ही 8 लाख से अधिक फ्रॉड लिंक को ब्लॉक किया है। कंपनी का दावा है कि एयरटेल यूजर्स के फोन में आने वाले स्पैम कॉल्स दूसरे नेटवर्क के मुकाबले 70 फीसदी कम हुए हैं।













