ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने बताया कि वे वहां एक महीने से थे। लेकिन पिछले एक-दो हफ्ते से ही दिक्कतें हो रही थीं। जब वे लोग बाहर जाते थे तो प्रदर्शनकारी गाड़ी के सामने आ जाते थे और परेशानी खड़ी करते थे। पूरे ईरान में इंटरनेट बंद था, जिसकी वजह से कोई भी अपने परिवार को कुछ बता नहीं पा रहा था। वहां मौजूद दूसरे देश के लोग इसलिए परेशान थे। शख्स ने बताया कि वे एम्बेसी से भी संपर्क नहीं कर पाए। शख्स ने यह भी दावा किया कि वहां पर अब सामान्य स्थिति हो गई है।
यूपी के शख्स की फंस गई थीं मौसी
इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले मोहम्मद जवाद ने बताया था कि उनकी पत्नी की मौसी भी ईरान में फंस गई थीं। उन्होंने कहा कि उनकी मौसी जियारत करने के लिए ईरान गई थीं, लेकिन वहीं फंस गईं। इसके बाद भारत सरकार ने उनकी मौसी और उनके साथ फंसे लोगों को भारत सरकार की मदद से वहां से निकाल लिया गया।
क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला
बता दें कि ईरान में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच अमेरिकी हमले का खतरा भी मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों की मौत का सिलसिला नहीं थमा तो ईरानी सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अमेरिका ने ईरान के आसपास के देशों में बने अपने मिलिट्री ठिकानों से भी सैनिकों को निकालने का आदेश दे दिया है। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इजरायल भी इस लड़ाई में कूद सकता है।












