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  • ‘गोली मार दूं?’ बांग्लादेश में हिंदू शख्स की हत्या से पहले सहकर्मी ने क्या कहा, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया

    ढाका: बांग्लादेश के मैमनसिंह में हिंदू व्यक्ति बजेंद्र विस्वास की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के प्रत्यक्षदर्शी रहे एक शख्स ने बताया है कि बिस्वास को गोली मारे जाने से ठीक पहले क्या हुआ था। बजेंद्र की उनके ही एक सहकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पीड़ित और आरोपी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 1, 2026
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    ढाका: बांग्लादेश के मैमनसिंह में हिंदू व्यक्ति बजेंद्र विस्वास की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के प्रत्यक्षदर्शी रहे एक शख्स ने बताया है कि बिस्वास को गोली मारे जाने से ठीक पहले क्या हुआ था। बजेंद्र की उनके ही एक सहकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पीड़ित और आरोपी दोनों बांग्लादेश अंसार के सदस्य थे, जो देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक समूह है। बिस्वास की मौत मैमनसिंह जिले में ही एक और हिंदू शख्स दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के कुछ दिन बाद आई है। आरोपी की पहचान नोमान मिया के रूप में हुई है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

    बगल में बैठकर मारी गोली

    समाचार एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बांग्लादेश अंसार के सदस्य APC मोहम्मद अजहर अली इस घटना के चश्मदीद हैं। उन्होंने बताया कि नोमान मिया और बजेंद्र दास उनके कमरे में एक साथ बैठे थे। अचानक नोमान मिया ने शॉटगन को बजेंद्र की जांघ से सटा दिया और कहा, क्या मैं गोली चलाऊं? इसके बाद उसने गोली चला दी।

    पहले नहीं हुआ था कोई झगड़ा

    इसके बाद नोमान मौके से भाग गया। अजहर अली ने यह भी कहा कि घटना से पहले दोनों के बीच कोई बहस या झगड़ा नहीं हुआ ता। ANI ने RTV ऑनलाइन के हवाले से बताया कि यह घटना सोमवार 29 दिसम्बर को मैमनसिंह के मेहराबारी इलाके में शाम करीब 6:30 बजे हुई थी।

    इसके पहले 18 दिसम्बर को मैमनसिंह में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को गुस्साई भीड़ ने मार डाला था। दीपू चंद्र दास एक फैक्ट्री में काम करता था, जहां उसके एक सहकर्मी ने उस पर पैगंबर के अपमान का आरोप लगा दिया। इसके बाद भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था। इसके बाद उसके शरीर को पेड़ से बांधा और आग लगा दी। दीपू जिस फैक्ट्री में काम करता था, उसने पुलिस को सूचना देने के बजाय उसे भीड़ के हवाले कर दिया। बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने इस घटना की निंदा की थी।

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