NCH ने 25 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक उपभोक्ताओं की 79,521 शिकायतों का निपटारा मुकदमे के स्तर तक जाने से पहले ही कराने में मदद की। NCH पर आने वाली शिकायतें एक तय अवधि में हल कराने के लिए सीधे कंपनियों के पास भेज दी जाती हैं और इन पर नजर रखी जाती है। मंत्रालय के मुताबिक, सबसे ज्यादा 47,743 शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर से रहीं और इनको दूर कराते हुए उपभोक्ताओं को 36,79,86,191 रुपये रिफंड कराए गए।
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डिजिटल ड्राफ्ट
एनसीएच, उपभोक्ता मामला मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जो उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के तहत असरदार, आसान और समय पर शिकायत सुलझाने में अहम भूमिका निभाती है। इसमें शिकायतों को तय समय में हल के लिए कंपनियों को डिजिटल प्रारूप में भेजा जाता है, जिसमें लगातार निगरानी और उपभोक्ता प्रतिक्रिया की निगरानी होती है।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 47,743 शिकायतें दर्ज की गईं, जिससे 36 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड मिला। इसके बाद यात्रा एवं परिवहन क्षेत्र में हेल्पलाइन के जरिये चार करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड मिला। बयान में आगे कहा गया कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिफंड की शिकायतें पूरे देश से आईं, जिसमें बड़े शहरों के साथ-साथ दूरदराज के इलाके भी शामिल थे, जिससे पता चलता है कि एनसीएच पूरे भारत में उपभोक्ता शिकायत मंच के तौर पर कितनी आसानी से उपलब्ध है।
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कहां से कितना रिफंड
- ई-कॉमर्स रिफंड: 36 करोड़ रुपये से ज्यादा (47,743 शिकायतें)।
- ट्रेवल एंड टूरिज्म : 4.16 करोड़ रुपये से ज्यादा (5,149 शिकायतें)।
- एजेंसी सर्विसेज : 1.54 करोड़ रुपये (1,103 शिकायतें)।
- इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स रिफंड: 1.45 करोड़ रुपये से ज्यादा (788 शिकायतें)।
- जनरल इंश्योरेंस रिफंड: 1.18 करोड़ रुपये से ज्यादा (293 शिकायतें)।












