• Business
  • ग्राहकों को गलत तरीके से स्कीम बेची तो देना होगा पूरा रिफंड, RBI ने बैंकों को किया टाइट

    नई दिल्ली: बैंकों में अक्सर ग्राहकों को उनकी जरूरत के बिना स्कीम्स जबरदस्ती थोंप दी जाती हैं। इस ‘मिस-सेलिंग’ को रोकने के लिए आरबीआई (RBI) सख्त नियम लाने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि बैंकों को ऐसे किसी भी ‘इनाम’ या ‘लालच’ (इंसेंटिव) से बचना चाहिए, जिसकी वजह


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: बैंकों में अक्सर ग्राहकों को उनकी जरूरत के बिना स्कीम्स जबरदस्ती थोंप दी जाती हैं। इस ‘मिस-सेलिंग’ को रोकने के लिए आरबीआई (RBI) सख्त नियम लाने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि बैंकों को ऐसे किसी भी ‘इनाम’ या ‘लालच’ (इंसेंटिव) से बचना चाहिए, जिसकी वजह से ग्राहकों को गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट या सर्विस बेची जाए।

    वित्तीय संस्थाओं के विज्ञापन, मार्केटिंग और सेल्स के लिए जारी नए नियमों के मसौदे में केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक ग्राहकों को उनकी मर्जी के बिना फोन न करें। साथ ही, फोन करने का समय भी सिर्फ ऑफिस के घंटों के दौरान ही होना चाहिए। अगर यह साबित हो जाता है कि ग्राहक को गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट बेचा गया है, तो बैंकों को ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी रकम वापस करनी होगी। ग्राहक को हुए किसी भी नुकसान की भरपाई (मुआवजा) भी करनी होगी।

    RBI Monetary Policy 2026: आरबीआई ने आखिर ब्‍याज दरों में कोई बदलाव क्यों नहीं किया? अमेरिका के साथ डील से कनेक्‍शन समझिए

    ग्राहक को मुआवजा

    आरबीआई ने कहा, ‘बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी नीतियां और कार्यप्रणाली न तो गलत बिक्री के लिए प्रोत्साहन ढांचा तैयार करें और न ही कर्मचारियों/डीएसए को उत्पादों/सेवाओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करें। यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाएगा कि तृतीय-पक्ष उत्पादों/सेवाओं के विपणन/बिक्री में लगे कर्मचारियों को तृतीय-पक्ष से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई प्रोत्साहन प्राप्त न हो।’

    मसौदे में यह भी प्रस्ताव है कि किसी बैंक को अपने किसी उत्पाद या सेवा के साथ किसी तृतीय-पक्ष उत्पाद या सेवा की बिक्री को जोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और ग्राहक को विभिन्न कंपनियों के विकल्पों में से चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। गलत बिक्री साबित होने की स्थिति में बैंकों को उत्पाद या सेवा की खरीद के लिए ग्राहक द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि वापस करनी होगी और मंजूर नीति के अनुसार गलत बिक्री के कारण हुए किसी भी नुकसान के लिए ग्राहक को क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।

    Navbharat TimesBharat Bandh on February 12: बैंक, स्कूल, कॉलेज, ट्रांसपोर्ट… कल भारत बंद के दौरान क्या खुला रहेगा और क्या बंद?

    डार्क पैटर्न का यूज

    आरबीआई बैंकों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कह रहा है कि उनके यूजर इंटरफेस में किसी भी प्रकार के डार्क पैटर्न का उपयोग न हो और ऐसे लगभग एक दर्जन मामलों की सूची दी है जिनसे बचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गलत बिक्री पर लगाम लगाने के लिए नियम लाने की घोषणा की थी। उस घोषणा के बाद मसौदा जारी किया गया है। लोगों को मसौदे पर अपनी राय देने के लिए चार मार्च तक का समय दिया गया है।
    (भाषा से इनपुट के साथ)

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।