तुर्की की मीडिया में अभी 6 मुद्दों पर जमकर लिखे जा रहे हैं। 1- एजियन सागर में ग्रीक की समुद्री सीमा और शक्ति की विस्तार की कोशिश, 2- तुर्की NAVTEX और 25वीं मेरिडियन, 3- एजियन सागर में ग्रीस का डिफेंस, 4- 2027 तक अंकारा की लंबी अवधि की योजना, 5- तूर्की का यूरोफाइटर टायफून खरीदने के लिए डील और 6- ग्रीस, एजियन सागर में आग से खेल रहा है।
ग्रीस को क्यों धमका रहे तुर्की के अखबार?
तुर्की के अखबार सोझू ने समुद्री सीमा पर ग्रीस के रुख को जानबूझकर तनाव बढ़ाने वाली रणनीति बताया है। अखबार सिर्फ तथ्य नहीं बता रहा, बल्कि सीधे-सीधे टिप्पणी कर रहा है कि एथेंस “आग से खेल रहा है” और इन बयानों को 2026 की एक बड़ी योजना से जोड़ रहा है। रिपोर्ट में ग्रीस के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस की बातों पर खास तौर पर जोर दिया गया है, जिसे सोझू एकतरफा और बिना बातचीत के समझौता न करने वाला बता रहा है।
वो गेरापेट्रिटिस की बातों को ऐसा कहकर हवा दे रहा है कि “एजियन सागर में ग्रीस की समुद्री सीमा को 12 मील तक बढ़ाना ग्रीस का ‘अविभाज्य अधिकार’ है और ग्रीस इस फैसले के लिए टाइमटेबल खुद तय करेगा।” वहीं, मिलियेट अखबार ने एजियन सागर को लेकर लिखा है कि ‘तुर्की एजियन सागर की घेराबंदी कर रहा है।’ मिलियेट अखबार, एजियन की स्थिति को तुर्की की सफल रणनीति बताता है, जिसका दायरा 2027 तक फैला हुआ है।
ये अखबार अपनी रिपोर्टस में कहता है कि एजियन सागर में ग्रीस फंसा हुआ है और लगातार दबाव की स्थिति में हैं। वहीं तुर्किये नाम के अखबार ने ग्रीस को यूरोफाइटर टायफून लड़ाकू विमानों को लेकर चेतावनी दी है। उसने तुर्की के यूरोफाइटर टायफून फाइटर जेट डील के बारे में लिखा है। इसमें लिखा गया है कि कैसे तुर्की के फाइटर जेट खरीदने से ग्रीस टेंशन में है। ये अखबार इस फाइटर जेट को हासिल करने की कोशिशों को एक राजनीतिक आश्चर्य की तरफ पेश करता है।













