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  • घुटनों पर आया ईरान! सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि बोले- हम परमाणु बम नहीं चाहते, यह हराम है

    तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति की लगातार धमकियों और दबाव के बाद ईरान के तेवर नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने कहा है कि वह परमाणु बम नहीं चाहता है। ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने परमाणु बम को हराम बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि


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    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
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    तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति की लगातार धमकियों और दबाव के बाद ईरान के तेवर नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने कहा है कि वह परमाणु बम नहीं चाहता है। ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने परमाणु बम को हराम बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेहरान न्यूक्लियर एनर्जी का इस्तेमाल कुछ मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए करना चाहता है। इलाही ने समाचार एजेंसी ANI को एक इंटरव्यू दिया है, जहां उन्होंने दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है।

    परमाणु बम को बताया हराम

    इलाही ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं की बहुत ज्यादा निगरानी की जाती है। वहीं, कुछ दूसरे देशों को ऐसी किसी जांच का सामना नहीं करना पड़ता है। परमाणु बम पर उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहता था क्योंकि यह हराम है। ईरान सामाजिक और मानवीय कामों के लिए शांतिपूर्ण न्यूक्लियर शक्ति चाहता है। इलाही का संकेत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के फतवे की तरफ था, जिसमें उन्होंने परमाणु बम को हराम बताते हुए इसके निर्माण पर रोक लगा रखी है।

    ईरान के खिलाफ दोहरे मापदंड का आरोप

    उन्होंने आगे कहा कि बदकिस्मती से दोहरा मापदंड हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ईरान पर बहुत सारे प्रतिबंध लगाए और वे ईरान की न्यूक्लियर पावर पर बहुत ज्यादा निगरानी रखते हैं, लेकिन कुछ दूसरे देशों के पास यह है और वे इसका इस्तेमाल करते हैं और उनके बारे में कुछ नहीं कहते। पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर परमाणु बम के विकास का आरोप लगाते हुए ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला किया था।

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