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  • घूसखोर पंडत: प्रदर्शनकारियों ने जलाए मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे के पुतले, मुंह पर कालिख पोतने की धमकी

    ‘घूसखोर पंडत’ पर चल रहा विवाद खत्म होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही जहां फिल्म के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ यूपी के हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई, वहीं कई जगहों पर ब्राह्मण समाज ने विरोध-प्रदर्शन किया। मेरठ में भी बवाल मचा और वहां की फिल्म सोसाइटी ने मेकर्स को


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    By Azad Hind Desk फरवरी 7, 2026
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    ‘घूसखोर पंडत’ पर चल रहा विवाद खत्म होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही जहां फिल्म के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ यूपी के हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई, वहीं कई जगहों पर ब्राह्मण समाज ने विरोध-प्रदर्शन किया। मेरठ में भी बवाल मचा और वहां की फिल्म सोसाइटी ने मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा। इस सबके बीच केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए नेटफ्लिक्स से ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर और सारा प्रमोशनल कंटेंट हटवा दिया। लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ है। देशभर में कई जगहों पर ‘घूसखोर पंडत’ के प्रोड्यूसर नीरज पांडे और लीड एक्टर मनोज बाजपेयी के पुतले जलाए गए। उन पर आरोप है कि उन्होंने पंडत शब्द के साथ ‘घूसखोर’ शब्द लगाकर पूरे ब्राह्मण समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है, और अपमान किया है।

    प्रयागराज में मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे के पुतले जलाए

    ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को प्रयागराज में सुभाष चौक पर लोगों ने नीरज पांडे, मनोज बाजपेयी और डायरेक्टर रितेश शाह के अलावा फिल्म के एक्टर्स के पुतले जलाए। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर बैन लगाने की मांग की। ‘घूसखोर पंडत’ को इसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किया जाएगा। विरोध करने वालों ने आरोप लगाया कि मेकर्स ने यह फिल्म हिंदुओं और ब्राह्मणों को टारगेट करने के लिए जानबूझकर बनाई है।

    इंदौर में भी जलाए पुतले, मुंह पर कालिख पोतने की धमकी

    इसी तरह, इंदौर में भी ब्राह्मण समुदाय ने ‘घूसखोर पंडत’ के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही नेटलिक्स और मनोज बाजपेयी के पुतले जलाए। परशुराम सेना के सदस्यों ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की और धमकी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो मनोज और नीरज पांडे के चेहरे पर कालिख पोत देंगे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम फिल्म का विरोध करते हैं। इस पर बैन लगना चाहिए नहीं तो मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे के चेहरे पर कालिख पोत दी जाएगी। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेंसर बोर्ड से इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग करते हैं।’

    ‘घूसखोर पंडत’ पर क्यों है विवाद और कहां-कहां मचा बवाल?

    दरअसल, ‘घूसखोर पंडत’ में मनोज बाजपेयी ने अजय दीक्षित नाम के एक पुलिस अफसर का किरदार निभाया है। उसने कुछ ऐसे काम किए हैं, जिसके कारण उसकी वर्दी पर खूब दाग लगे हैं। वह भृष्ट है और इसीलिए बदनाम है। लोग उसे घूसखोर पंडत कहकर बुलाते हैं। एक तरफ वह नौकरी में परेशान है, और दूसरी और उसकी शादीशुदा जिंदगी में तकलीफें चल रही हैं। फिल्म के मेकर्स का कहना है कि यह किसी समुदाय के बारे में नहीं है, पर टाइटल पर विवाद छिड़ा हुआ है क्योंकि पंडत के साथ घूसखोर शब्द जोड़ दिया गया है। ब्राह्मण समुदाय के लोगों का कहना है कि यह उनकी छवि को ठेस पहुंचाता है और समाज में आपसी सौहार्द और शांति को भंग कर सकता है।

    सोशल मीडिया से बवाल शुरू, भोपाल में सड़कों पर विरोध, ब्रज के संतों में गुस्सा

    ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर विवाद पहले सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था, जिसके बाद भोपाल में ब्राह्मण समुदाय का सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। इसी बीच मुंबई में एक वकील ने फिल्म के मेकर्स को लीगल नोटिस भेज दिया और टाइटल बदलने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर टाइटल नहीं बदला गया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। उधर, ब्रज के संतों ने ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर गुस्सा जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख दी और फिल्म पर बैन के साथ इसके मेकर्स के खिलाफ देशद्रोह के एक्शन की मांग की।

    यूपी के हजरतगंज में एफआईआर, मेरठ में बवाल, केंद्र सरकार की सख्ती

    बात यहीं नहीं रुकी, 6 फरवरी को यूपी के हजरतगंज थाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद ‘घूसखोर पंडत’ के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मेरठ फिल्म सोसाइटी की तरफ से भी मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा गया। बीएसपी की प्रमुख मायावती ने भी फिल्म के टाइटल पर कड़ी आपत्ति जताई थी, और केंद्र सरकार से इस पर बैन लगाने की मांग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया कि सभी जगहों से फिल्म का टीजर और सारा प्रमोशनल कंटेंट हटा दे।

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