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  • चीनी सेना के शीर्ष तक पहुंचा जिनपिंग का ‘सफाई अभियान’, टॉप जनरल झांग बर्खास्त, कुछ बड़ा होने वाला है?

    बीजिंग: चीन में सेना के अंदर भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से चल रही जांच शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सबसे सीनियर जनरल झांग यूक्सिया को पद से हटा दिया है। उनको भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के दायरे में लाते हुए बर्खास्त किया गया है। यह चीनी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
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    बीजिंग: चीन में सेना के अंदर भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से चल रही जांच शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सबसे सीनियर जनरल झांग यूक्सिया को पद से हटा दिया है। उनको भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के दायरे में लाते हुए बर्खास्त किया गया है। यह चीनी सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में और तेजी आने का संकेत है। शी ने हालिया महीनों में कई शीर्ष सैन्य अफसरों को उनके पदों से हटाया है। इस घटनाक्रम ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शुमार चीनी आर्मी (PLA) को प्रभावित कर रहा है।

    चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को अपने बयान में कहा, ‘कम्युनिस्ट पार्टी के सैन्य फैसले लेने वाली टॉप बॉडी के दो वाइस चेयरमैन में सीनियर और चीन के नंबर-1 जनरल झांग यूक्सिया के खिलाफ अनुशासन और कानून उल्लंघन के आरोपों की जांच हो रही है। जनरल झांग यूक्सिया 1989 के तियानमेन स्क्वायर विरोध प्रदर्शनों के बाद से सेना में सबसे सीनियर एक्टिव सदस्य हैं, जिन्हें बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा है।

    दो शीर्फ अफसरों की होगी जांच

    जांच के दायरे में आए जनरल झांग शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के उपाध्यक्ष हैं। सीएमसी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सेना की सर्वोच्च कमान है। सीएमसी में झांग की स्थिति उन्हें चीनी सेना में सर्वोच्च रैंक का सैन्य अधिकारी बनाती है। ऐसे में इस कार्रवाई ने चीन के बाहर भी दुनिया का ध्यान खींचा है।

    झांग के साथ जांच के दायरे में आए दूसरे वरिष्ठ अधिकारी जनरल लियू जेनली हैं। जेनली सीएमसी के सदस्य और ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट में चीफ ऑफ स्टाफ हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि सीपीसी केंद्रीय समिति ने विचार विमर्श के बाद झांग यूक्सिया और लियू जेनली के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया।

    जिनपिंग की कार्रवाई से हलचल

    इन दोनों सैन्य अफसरों पर यह कड़ी कार्रवाई चर्चा का सबब बन गई है। खासतौर से सर्वोच्च सैन्य अधिकारी झांग के खिलाफ जांच बैठाने के फैसले ने चीनी सैन्य प्रतिष्ठान में हलचल मचा दी है। झांग 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के भी सदस्य हैं, जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का सत्ता केंद्र है।

    चीनी राष्ट्रपति राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2012 में सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के अफसरों पर कार्रवाई की है। उन्होंने दर्जनों वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया है या जेल भेजा है। हालिया महीनों में इस कार्रवाई में तेजी देखी गई है।

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