चीन ने किन देशों को दी वीजा फ्री एंट्री की इजाजत?
चीन में वीजा-फ्री एंटी वाले देशों की सूची में ब्रुनेई, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, आयरलैंड, हंगरी, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, पुर्तगाल, ग्रीस, साइप्रस, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क, आइसलैंड, एंडोरा, मोनाको, लिकटेंस्टीन, दक्षिण कोरिया, बुल्गारिया, रोमानिया, क्रोएशिया, मांटेनेग्रो, नॉर्थ मैसोडेनिया, माल्टा, इस्तोनिया, लातविया, जापान, ब्राजील, अर्जेंटीना, चिली, पेरू, उरुग्वे, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, बहरीन, रूस, स्वीडन, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।
चीन क्यों दे रहा वीजा फ्री एंट्री?
वीजा फ्री एंट्री चीन की न्यू ओपन ट्रैवल प्लान का हिस्सा है। जिसे उसकी दुनियाभर के यात्रियों को अपने देश की यात्रा करने लिए आकर्षित करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संबंध बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। चीन इसके जरिए पर्यटन को बढ़ावा देना चाहता है, जो कोविड महामारी के बाद निचले स्तर पर है। चीन की कड़ी पाबंदियों के कारण विदेशी नागरिकों ने दूसरे देशों की ओर रुख कर लिया था।
चीन के वीजा फ्री एंट्री का नियम क्या है?
वीजा फ्री एंट्री वाले देशों के पासपोर्ट धारक चीन में 30 दिनों तक बिना किसी वैध वीजा के रुक सकते हैं। हालांकि, इस दौरान वे कोई बिजनेस या ऐसा काम नहीं कर सकते हैं, जिससे पैसा कमाया जा सके। अगर इन देशों के नागरिकों को चीन में 30 दिन से ज्यादा समय तक रुकना होगा तो उन्हें सामान्य वीजा के लिए अप्लाई करना होगा।













