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  • चीन के गुप्त हथियार ‘TPG1000Cs’ पर बड़ी जानकारी मिली, एलन मस्क के सैटेलाइट नेटवर्क के लिए खतरा, कैसे करता है काम?

    बीजिंग: चीन को अपने हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) टेक्नोलॉजी में एक बड़ी कामयाबी मिली है। ये एक शक्तिशाली ट्रक पर लगने वाला वेपन सिस्टम है। इसे अमेरिका और पश्चिमी देशों के सैटेलाइट के लिए बहुत बड़ा खतरा माना जा रहा है। चीन के डिफेंस रिसर्चर्स और चीन की मीडिया ने इसे एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी


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    By Azad Hind Desk फरवरी 7, 2026
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    बीजिंग: चीन को अपने हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) टेक्नोलॉजी में एक बड़ी कामयाबी मिली है। ये एक शक्तिशाली ट्रक पर लगने वाला वेपन सिस्टम है। इसे अमेरिका और पश्चिमी देशों के सैटेलाइट के लिए बहुत बड़ा खतरा माना जा रहा है। चीन के डिफेंस रिसर्चर्स और चीन की मीडिया ने इसे एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी के लो ऑर्बिट सैटेलाइट (LEO) कॉन्स्टेलेशन के लिए खतरे के तौर पर पेश किया है। इस हथियार के जरिए चीन युद्ध की स्थिति में लो ऑर्बिट सैटेलाइट, सैटेलाइट कमांड नेटवर्क को ध्वस्त कर सकता है। इसे एक नॉन-काइनेटिक हथियार कहा जा रहा है।

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने इस महीने इस हथियार सिस्टम को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि चीन के वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला HPM हथियार कॉम्पैक्ट ड्राइवर डेवलप किया है। यह डिवाइस 60 सेकंड तक लगातार 20 गीगावाट एनर्जी जेनरेट कर सकता है। इस रिपोर्ट में चीन के वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह ब्रेकथ्रू, SpaceX के स्टारलिंक जैसे बड़े लो-अर्थ-ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट ग्रुप के लिए खतरा बन सकता है। टीम ने अपनी रिसर्च के नतीजे पीयर-रिव्यूड जर्नल चाइनीज हाई पावर लेजर एंड पार्टिकल बीम्स में पब्लिश किए हैं।

    चीन का गुप्त TPG1000Cs हथियार क्या है?
    चीन के इस गुप्त हथियार को TPG1000Cs नाम से जाना जाता है। इसे शीआन में नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में डेवलप किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका वजन करीब पांच टन है और यह करीब चार मीटर लंबा है। इसेसे ट्रकों, जहाजों, विमानों या संभावित रूप से अंतरिक्ष में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है। वैज्ञानिक वांग गैंग के नेतृत्व में रिसर्चर्स ने लिखा है कि यह सिस्टम एक ही सेशन में 3,000 तक हाई-एनर्जी पल्स दे सकता है और पहले ही 200,000 से ज्यादा टेस्ट पल्स जमा कर चुका है, जो इसके स्थायी क्षमता का संकेत देता है।

    चीन के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये 1 गीगावाट से ज्यादा का आउटपुट लो-ऑर्बिट सैटेलाइट्स को खराब या नुकसान कर सकता है। चीन ने अपने सिर पर मंडराते अमेरिकी सैटेलाइट्स को अपनी नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताया है। अब चूंकी एलन मस्क की कंपनी के सैटेलाइट काफी कम ऊंचाई पर रहते हैं इसलिए वो ग्राउंड-बेस्ड डायरेक्टेड-एनर्जी हथियारों की चपेट में आ सकते हैं।

    चीन का हाई-पावर माइक्रोवेव कैसे करता है काम?
    HPM हथियार सिस्टम में एंटेना, केबल और ओपनिंग के जरिए तेज रेडियोफ्रीक्वेंसी (RF) एनर्जी फेंककर इलेक्ट्रॉनिक्स को बेकार कर देते हैं। इससे विनाशकारी वोल्टेज और करंट सर्ज पैदा होते हैं जो कंपोनेंट्स को सिर्फ गर्म करने के बजाय उन्हें खराब या स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। चीन के TPG1000Cs पहले के हरिकेन-सीरीज HPM हथियारों से बेहतर माने जा रहे हैं। पहले के हथियारों की रेंज करीब 3 किलोमीटर के आसपास थी, लेकिन इसका रेंज काफी ज्यादा है।

    चीन का नया HPM हथियार ताइवान युद्ध में अहम भूमिका निभा सकता है। मई 2025 के जेम्सटाउन आर्टिकल में टिन पाक और यू-चेंग चेन ने बताया था कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) HPM हथियारों का इस्तेमाल आम तौर पर गड़बड़ी फैलाने के बजाय, खास हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक टारगेट को बेकार करने के लिए पहले-वेव, नॉन-काइनेटिक स्ट्राइक टूल के तौर पर करेगी। HPM का इस्तेमाल कमांड सेंटर, रडार इंस्टॉलेशन, मिसाइल-डिफेंस सिस्टम, पावर ग्रिड और कम्युनिकेशन नेटवर्क पर हमला करने के लिए किया जा सकता है। इसीलिए अमेरिका को इस हथियार सिस्टम से गंभीर खतरा हो सकता है।

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