भारत और अफगानिस्तान सभी बने दुश्मन
एक कार्यक्रम में बोलते हुए फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की पिछले 78 सालों विदेश नीति और खासकर अफगानिस्तान के साथ उसके रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान आज अपने नीति बनाने वालों से पूछना चाहता है कि पिछले 78 साल से मेरी अफगान पॉलिसी क्यों नाकाम रही? उन्होंने कहा, ‘आज भारत हमारा दुश्मन है, अफगानिस्तान हमारा दुश्मन है और यहां तक कि ईरान और चीन भी हमसे नाराज हैं।’
अफगान पॉलिसी पर उठाए सवाल
उन्होंने पाकिस्तान के अफगानिस्तान से सीमा व्यापार बंद करने पर सवाल उठाए कि तंज कसा कि जब सामान नहीं आ रहा तो आतंकवादी कैसे आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अजीब स्थिति यह है कि अफगानिस्तान से एक अनार भी पाकिस्तान में नहीं आ सकता है लेकिन दहशतगर्द आ रहे हैं।’ रहमान का इशारा उन बयानों की तरफ था, जिसमें शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व ने पाकिस्तान में हो रही घटनाओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगान तालिबान पाकिस्तान में हमला करने वाले आतंकवादियों को शरण दे रहा है।
पाकिस्तानी सेना के अंदर बताई फूट
फजलुर रहमान ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर फैसले न लेने का आरोप लगाया और कहा कि सेना के अंदर अलग-अलग सोच है। उन्होंने कहा, एक जनरल बातचीत और शांति की बात करता है, जबकि दूसरा युद्ध पर जोर देता है। ऐसी उलझन के साथ कोई देश एक सही विदेश नीति कैसे चला सकता है।
रहमान ने पाकिस्तान-इकोनॉमिक कॉरिडोर को नाकाम बताया और इसके लिए शरीफ सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ के कार्यकाल में CPEC में कोई प्रगति नहीं हुई है, क्योंकि चीन अब हम पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि शरीफ सरकार चीनियों का खोया भरोसा वापस जीतने में नाकाम रही है। आज चीन हमसे नाराज है। पाकिस्तान की विदेश की आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह फेल बताया।













