चीन में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली कारों की बिक्री 2017 में पीक पर पहुंची थी लेकिन तबसे इसमें 49% यानी 11.6 मिलियन यूनिट की गिरावट आई है। माना जा रहा है कि 2030 तक चीन में ईवी की बिक्री 21.2 मिलियन यूनिट पहुंच सकती है। इस दौरान पेट्रोल-डीजल से चलने वाली कारों की बिक्री घटकर 4.9 मिलियन यूनिट रहने का अनुमान है। चीन की कंपनी बीवाईडी ने पिछले साल पहली बार एलन मस्क की कंपनी टेस्ला से ज्यादा कारों का उत्पादन किया। टेस्ला केवल ईवी बनाती हैं जबकि बीवाईडी ईवी के साथ-साथ प्लग इन हाइब्रिड कार भी बनाती है।
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भारत का हाल
हालांकि चीन के मुकाबले भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है। भारत में पिछले साल ईवी की बिक्री 2.3 मिलियन यूनिट रही जो कुल नए रजिस्ट्रेशन का करीब 8 फीसदी है। इनमें 1.28 मिलियन यानी 57 फीसदी दोपहिया वाहन रहे। तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 35 फीसदी यानी 8 लाख और कारों की हिस्सेदारी 1.75 लाख यूनिट रही। पिछले साल उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा ईवी मार्केट रहा। इस दौरान राज्य में 4 लाख से अधिक ईवी बिके। हालांकि दिल्ली, केरल और गोवा में ईवी एडॉप्शन ज्यादा रहा।













