• Technology
  • चीन बना रहा दुनिया की सबसे बड़ी ‘सुपर कोल्ड एयर बैटरी’, सालभर में बनेगी 18 करोड़ यूनिट बिजली, जानें कैसे?

    Battery Innovation : चीन दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विड एयर एनर्जी स्टोर बना रहा है। यह स्टोर गोबी रेगिस्तान में किंगहाई प्रांत के गोलमुड शहर के बाहर स्थित है। इसे ‘सुपर कोल्ड एयर बैटरी’ कहा जा रहा है। यहां सफेद टैंकों की एक कतार है जहां हवा को बहुत दबाव देकर ठंडा किया जाता है।


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 2, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    Battery Innovation : चीन दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विड एयर एनर्जी स्टोर बना रहा है। यह स्टोर गोबी रेगिस्तान में किंगहाई प्रांत के गोलमुड शहर के बाहर स्थित है। इसे ‘सुपर कोल्ड एयर बैटरी’ कहा जा रहा है। यहां सफेद टैंकों की एक कतार है जहां हवा को बहुत दबाव देकर ठंडा किया जाता है। हवा को इतना ठंडा किया जाता है कि वह लिक्विड में बदल जाती है। यह तापमान करीब माइनस 194 डिग्री सेल्सियस होता है। जब इस लिक्विड हवा को बाहर निकाला जाता है तो वह तेजी से फैलती है और इस फैलाव की ताकत से बिजली बनाई जाती है। यह प्लांट Renewable Energy जैसे सूरज और हवा से आने वाली बिजली को स्टोर करने में मदद करेगा।

    कितनी बिजली बनाएगा बैटरीनुमा प्लांट?

    इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि फेसिलिटी का नाम सुपर एयर पावर बैंक है। इसे चीन ग्रीन डेवलपमेंट इन्वेस्टमेंट ग्रुप ने बनाया है और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के टेक्निकल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स एंड केमिस्ट्री की मदद ली है। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार यह प्लांट जल्द ही काम शुरू करने वाला है। यह एक बार में 6 लाख किलोवाट प्रति घंटे ब‍िजली दे सकता है और लगातार 10 घंटे चल सकता है। साल भर में यह करीब 18 करोड़ यून‍िट बिजली बनाएगा जो लगभग 30 हजार घरों को बिजली दे सकता है।

    कैसे काम करता है प्‍लांट?

    इस प्लांट में बिजली से हवा को साफ करके दबाया जाता है और ठंडा करके लिक्विड बनाया जाता है। यह लिक्विड बड़े टैंकों में स्टोर किया जाता है। जब बिजली की जरूरत पड़ती है तो लिक्विड हवा को गर्म किया जाता है। इससे वह गैस बन जाती है और तेजी से फैलती है। इस फैलाव से टरबाइन घूमते हैं और बिजली बनती है। इस प्लांट को गोबी रेगिस्तान में फैले 2.5 लाख किलोवॉट के सोलर फार्म से जोड़ा गया है।

    क्यों जरूरी है यह प्लांट?

    सूरज और हवा से बिजली बनाना अच्छा है लेकिन यह स्टेबल नहीं है। कभी ज्यादा बिजली बनती है तो कभी कम। इससे बिजली ग्रिड में समस्या होती है। इस प्लांट से एक्स्ट्रा बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। रिसर्चर वांग जुनजी ने कहा कि सोलर और विंड पावर में उतार-चढ़ाव होता है जिससे सप्लाई और डिमांड में बैलेंस नहीं बन पाता। यह प्लांट इस समस्या को दूर करेगा और ग्रिड को स्टेबल रखेगा।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।