कितनी बिजली बनाएगा बैटरीनुमा प्लांट?
इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि फेसिलिटी का नाम सुपर एयर पावर बैंक है। इसे चीन ग्रीन डेवलपमेंट इन्वेस्टमेंट ग्रुप ने बनाया है और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के टेक्निकल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स एंड केमिस्ट्री की मदद ली है। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार यह प्लांट जल्द ही काम शुरू करने वाला है। यह एक बार में 6 लाख किलोवाट प्रति घंटे बिजली दे सकता है और लगातार 10 घंटे चल सकता है। साल भर में यह करीब 18 करोड़ यूनिट बिजली बनाएगा जो लगभग 30 हजार घरों को बिजली दे सकता है।
कैसे काम करता है प्लांट?
इस प्लांट में बिजली से हवा को साफ करके दबाया जाता है और ठंडा करके लिक्विड बनाया जाता है। यह लिक्विड बड़े टैंकों में स्टोर किया जाता है। जब बिजली की जरूरत पड़ती है तो लिक्विड हवा को गर्म किया जाता है। इससे वह गैस बन जाती है और तेजी से फैलती है। इस फैलाव से टरबाइन घूमते हैं और बिजली बनती है। इस प्लांट को गोबी रेगिस्तान में फैले 2.5 लाख किलोवॉट के सोलर फार्म से जोड़ा गया है।
क्यों जरूरी है यह प्लांट?
सूरज और हवा से बिजली बनाना अच्छा है लेकिन यह स्टेबल नहीं है। कभी ज्यादा बिजली बनती है तो कभी कम। इससे बिजली ग्रिड में समस्या होती है। इस प्लांट से एक्स्ट्रा बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। रिसर्चर वांग जुनजी ने कहा कि सोलर और विंड पावर में उतार-चढ़ाव होता है जिससे सप्लाई और डिमांड में बैलेंस नहीं बन पाता। यह प्लांट इस समस्या को दूर करेगा और ग्रिड को स्टेबल रखेगा।













