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  • चीन-बांग्लादेश के साथ मिलकर भारत को घेरने का प्लान! पाकिस्तान ने तीनों देशों में सहयोग पर किया बड़ा दावा

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर मोर्चा बनाने की बात कही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि देश की सरकार चीन और बांग्लादेश के साथ त्रिपक्षीय सहयोग फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाना जारी रखेगी। इसका मकसद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को बढ़ावा देना


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    By Azad Hind Desk जनवरी 9, 2026
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    इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर मोर्चा बनाने की बात कही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि देश की सरकार चीन और बांग्लादेश के साथ त्रिपक्षीय सहयोग फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाना जारी रखेगी। इसका मकसद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को बढ़ावा देना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पिछले दिनों बांग्लादेश और चीन की यात्रा करते हुए इस पर बात की थी। चीन और बांग्लादेश को साथ जोड़कर पाकिस्तान की कोशिश भारत के खिलाफ एक गुट खड़ा करने की है।

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से गुरुवार को इस त्रिपक्षीय गुट के बारे में पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि फ्रेमवर्क को पिछले साल सीनियर अधिकारियों के लेवल पर लॉन्च किया गया था। तीनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। खासतौर से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बेहतर होते संबंधों से इसको फायदा हो रहा है।

    हम सहयोग के लिए प्रतिबद्ध: पाकिस्तान

    ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हम पाकिस्तान-चीन-बांग्लादेश सहयोग तंत्र के प्रति प्रतिबद्ध है। हमारा व्यावहारिक परिणाम देने के लिए पिछली बातचीत को आगे बढ़ाने का इराद है। तीनों के बीच बातचीत भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि ऐसे परिणाम हासिल किए जा सकें जो हमारे लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए फायदेमंद हों।

    अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान का चीन के साथ जुड़ाव द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय दोनों प्रारूपों में जारी रहेगा, जो गुट की राजनीति के बजाय आर्थिक विकास पर केंद्रित सहकारी क्षेत्रीय दृष्टिकोण के लिए इस्लामाबाद की प्राथमिकता को रेखांकित करता है। वहीं बाग्लादेश के साथ भी पाकिस्तान की कोशिश संबंधों में बेहतरी की है।

    पाकिस्तान की क्या है कोशिश

    पाकिस्तान की दक्षिण एशिया में भारत के बगैर एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश है। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की सरकार से मिल रहे समर्थन उसको इस ओर बढ़ने का हौसला दिया है। बांग्लादेश की ओर से हाल ही में कहा गया है कि उसे पाकिस्तान के साथ ऐसे किसी ब्लॉक का हिस्सा बनने में कोई दिक्कत नहीं है, जिसमें भारत शामिल ना हो।

    पाकिस्तान का कहना है कि सार्क अब कमजोर पड़ गया है। ऐसे में एक नया गुट बनन चाहिए। चीन इसमें खुलकर पाकिस्तान की मदद कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान दक्षिण एशियाई देशों को नए क्षेत्रीय गठबंधन में शामिल होने का प्रपोजल दे रहा है। खासतौर से चीन और बांग्लादेश को वह अपने साथ जोड़ना चाहता है।

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