वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए ईस्ट में दानकुनी से वेस्ट में सूरत तक एक नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया। उन्होंने पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव रखा और 4000 ई-बसों के लिए प्रावधान करने की बात कही। सीतारमण ने दुर्गापुर में एक नोड बनाते हुए एकीकृत ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की भी घोषणा की। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को निर्देशहीन और दृष्टिहीन बताया और कहा कि इसमें आम आदमी और उनके राज्य के लिए कुछ भी नहीं है।
विशेष रेयर-अर्थ कॉरिडोर को स्थापित करने में मदद करेगी सरकार
वित्त मंत्री ने खनिज-समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को अहम खनिज सुविधाएं स्थापित करने के लिए सपोर्ट देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2025 में रेयर-अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करेगी। वित्त मंत्री ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की भी घोषणा की। इसमें हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, वाराणसी-सिलीगुड़ी भी प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित पुलिकट झील में बर्डवॉचिंग ट्रेल्स विकसित करने की योजना की भी घोषणा की।
बजट 2026 में ओडिशा, कर्नाटक और केरल के क्या?
बजट में ओडिशा, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में कछुओं के प्रमुख अंडे देने वाले स्थलों पर टर्टल ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की। साथ ही रेयर अर्थ कॉरिडोर के लिए भी केरल का नाम है। हालांकि केरल को इससे ज्यादा की उम्मीद थी। केरल की सत्ताधारी पार्टी एलडीएफ ने और वहां के विपक्ष यूडीएफ ने बजट को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि केरल के लिए कम से कम दो बड़ी घोषणाओं की उम्मीद थी। एक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और दूसरा एम्स को मंजूरी। लेकिन इन दोनों में से केरल को कुछ भी नहीं मिला। जब वित्त मंत्री ने अपनी बजट स्पीच समाप्त की उसके बाद सदन में केरल के सांसदों ने सवाल उठाया- मैडम, केरल को एम्स का क्या?
उत्तर-पूर्व के छह राज्यों के लिए विशेष प्रस्ताव
बजट में अगले पांच सालों में टियर-2 और टियर-3 शहरों में बुनियादी ढांचे मजबूत करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की गई, इसमें असम भी शामिल वित्त मंत्री ने NIMHANS- 2 की स्थापना और रांची और असम के तेजपुर में नैशनल मेटल हेल्थ इंस्टिट्यूट को अपग्रेड करने की भी घोषणा की। निर्मला सीतारमण ने उत्तर-पूर्व के छह राज्यों, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।













