एक्टर से नेता बने थलपति विजय अब अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) पर ध्यान देने वाले हैं। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन‘ बीते 9 जनवरी को ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी। लेकिन सेंसर बोर्ड संग विवाद बढ़ने और सर्टिफिकेट जारी होने के कारण यह अब तक अटकी हुई है। खबरों के मुताबिक, विजय ने इस बीच ‘एनडीटीवी’ से ऑफ द कैमरा बात करते हुए इस पर चिंता जताई है।
थलपति विजय बोले- मुझे मेकर्स के लिए बुरा लग रहा, पहले से शंका थी
थलपति विजय ने ‘जन नायकन’ सेंसर विवाद पर एक सीनियर पत्रकार से बातचीत में कहा कि उन्हें ‘जन नायकन’ के प्रोड्यूसर के लिए ‘बुरा लग रहा है’, क्योंकि फिल्म रिलीज नहीं हो रही है। विजय ने यह भी कहा कि राजनीति में होने की वजह से उन्हें पहले से ही यह शंका थी कि उनकी फिल्मों को निशाना बनाया जाएगा। राजनीति के लिए फिल्में छोड़ने के अपने फैसले के बारे में एक्टर ने कहा कि वह कोविड महामारी के बाद से ही अपने भविष्य के बारे में गंभीरता से सोच रहे थे। इसका श्रेय उन्होंने पिता एसए चंद्रशेखर को दिया, जिन्होंने कई राजनीतिक फिल्में डायरेक्ट की हैं।
CBFC ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट
इस बीच, ‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, ‘जन नायकन’ से जुड़े मामले में CBFC ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दायर की है। इसमें सेंसर बोर्ड ने कहा है कि जब तक CBFC की बात नहीं सुनी जाती, तब तक इस मामले में कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा। ‘लाइव लॉ’ के मुताबिक, यह ‘जन नायकन’ के प्रोड्यूसर, KVN प्रोडक्शंस द्वारा मद्रास हाई कोर्ट डिवीजन बेंच के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की आशंकाओं से पहले हुआ है। हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने फिल्म को UA सर्टिफिकेट जारी करने के सिंगल जज के निर्देश पर रोक लगा दी थी।
हाई कोर्ट की डिविजन बेंच का फैसला, सिंगल बेंच का निर्देश रद्द
बीते 27 जनवरी को, मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में सिंगल बेंच के पिछले आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही CBFC की अपील को मंजूरी दे दी और फिल्म को सर्टिफिकेट लेने के लिए वापस सिंगल जज की अदालत में जाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सिंगल बेंच नए सिरे से सुनवाई करे, सेंसर बोर्ड को जवाब दाखिल करने के लिए वक्त दे और उसके बाद ही आदेश जारी करे।
‘जन नायकन’ रिलीज विवाद की टाइमलाइन
- दिसंबर 2025 में मेकर्स ने सर्टिफिकेशन के लिए फिल्म सेंसर बोर्ड में सब्मिट की
- CBFC ने कुछ बदलाव सुझाए, करीब 16 कट्स लगाए
- CBFC के सुझावों को मानते हुए 24 दिसंबर 2025 को एक रिवाइज्ड वर्जन जमा किया गया
- 29 दिसंबर 2025 को CBFC के चेन्नई रीजनल ऑफिस ने प्रोड्यूसर को बताया कि रिवाइज्ड वर्जन को सर्टिफाई कर दिया जाएगा
- 5 जनवरी को मेकर्स को बताया गया कि CBFC चेयरपर्सन ने ‘नियम 24’ के तहत फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का फैसला किया है
- CBFC चेयरपर्सन की चिट्ठी में बताया गया कि एक शिकायत मिली है, जिसके मुताबिक फिल्म के कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं, सशस्त्र बलों का गलत चित्रण किया गया है
- यह शिकायत सेंसर बोर्ड के उसी एग्जामिनिंग कमेटी के एक सदस्य ने दी, जिसने पहले कुछ कट्स के साथ फिल्म को सर्टिफिकेट जारी करने की बात कही थी
- मेकर्स ने सेंसर बोर्ड के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया
- 9 जनवरी को हाई कोर्ट सिंगल बेंच की जज पीटी आशा ने कहा कि जब कट्स लगा दिए गए हैं, तो फिल्म को रोकना गलत है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए
- 9 जनवरी को ही हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। डिविजन बेंच ने कहा कि सेंसर बोर्ड को मामले में अपना पक्ष रखने का समय नहीं दिया गया
- मेकर्स ने डिविजन बेंच के अंतरिम रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया
- 20 जनवरी को डिविजन बेंच के सामने मामले की सुनवाई पूरी हुई
- 27 जनवरी को डिविजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए सिंगल बेंच के निर्देश को रद्द कर दिया, मेकर्स को दोबारा सिंगल बेंच के पास जाने को कहा और नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया
थलपति विजय बोले- शाहरुख खान मेरे आदर्श हैं
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद के बीच थलपति विजय ने पत्रकार से ऑफ द कैमरा बातचीत में शाहरुख खान को अपना आदर्श बताया है। बॉलीवुड सुपरस्टार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं शाहरुख खान को अपना आदर्श मानता हूं। वह बहुत अच्छा बोलते हैं और उनकी बोलने की कला, उनकी वाकपटुता बहुत अच्छी है।’ जब विजय से पूछा गया कि क्या वह राजनीति में ‘किंगमेकर’ बनना चाहेंगे या या ‘किंग’ तो एक्टर ने कहा, ‘सर, मैं जीतूंगा। मैं जीतने के लिए ही चुनाव लड़ रहा हूं।’













