‘जन नायकन’ को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने रिलीज सर्टिफिकेट नहीं दिया है। हाई कोर्ट की डिजिवन बेंच ने अपने फैसले में सिंगल बेंच के निर्देश (सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश) को रद्द कर दिया है। साथ ही अब नए सिरे से सिंगल बेंच के सामने सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया है। इसके बाद से ही अब फिल्म को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। फिल्म कब रिलीज होगी, इसको लेकर मेकर्स KVN प्रोडक्शंस की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।
‘आसानी से 150-200 करोड़ कमा लेती जन नायकन’
‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने बताया है कि ‘जन नायकन’ की रिलीज में देरी के कारण तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस को तगड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कानूनी विवाद ने इंडस्ट्री को प्रभावित किया है। पोंगल पर विजय की फिल्म से शिवकार्तिकेयन की ‘पराशक्ति’ की टक्कर होने वाली थी। विजय की फिल्म अकेले तमिलनाडु में आसानी से 150-200 करोड़ रुपये कमा सकती थी। जबकि ‘पराशक्ति’ ने तमिलनाडु में 55 करोड़ रुपये का बिजनस किया है।
क्या फरवरी में रिलीज होगी ‘जन नायकन’?
‘जन नायकन’ के पोस्टपोन होने के बाद, ऐसी अफवाहें चल रही हैं कि अगर कानूनी विवाद सुलझ जाता है, तो यह फरवरी में रिलीज हो सकती है। रमेश बाला कहते हैं, ‘कॉलीवुड में फरवरी और मार्च में कोई बड़ी फिल्में नहीं हैं। अगले कुछ महीनों के लिए सिर्फ छोटी बजट की फिल्में शेड्यूल हैं, तो यह बहुत से बहुत 15-20 करोड़ रुपये कमा सकती हैं। मौजूदा कानूनी स्थिति को देखते हुए, यह साफ नहीं है कि विजय की फिल्म कब रिलीज होगी। अगर यह फरवरी के बीच में या बाद में भी रिलीज होती है, और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शेड्यूल का ऐलान हो जाता है, तो यह ज्यादा समय तक नहीं चल पाएगी।’
‘जन नायकन’ अब चुनाव आचार संहिता के फेर में फंस सकती है
थलपति की फिल्म पर आगे भी मुश्किलें आ सकती हैं। चुनाव आचार संहिता (MCC) के लागू होते ही चुनाव आयोग के पास राजनीतिक थीम वाली फिल्मों की स्क्रीनिंग रोकने का अधिकार है। थलपति इस बार विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतर रहे हैं। उनकी राजनीतिक पार्टी TVK की चुनावी हिस्सेदारी देखते हुए ‘जन नायकन’ को सीमित समय के लिए ही दिखाया जा सकता है। इसलिए, अनिश्चितता बनी हुई है।
एक्सपर्ट ने कहा- कम से कम 100 करोड़ के नुकसान का अनुमान
रमेश बाला आगे कहते हैं, ‘कार्थी की फिल्म ‘वा वाथियार’, जो पोंगल पर ही रिलीज हुई थी, पूरी तरह फ्लॉप रही। जबकि जीवा की ‘थलाइवर थंबी थलैमैयिल’ ने तमिलनाडु में लगभग 30 करोड़ रुपये कमाए। कुल मिलाकर, जनवरी में तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस ने लगभग 85 करोड़ रुपये कमाए। अनुमान लगाए तो ‘जन नायकन’ की देरी के कारण तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस को कम से कम 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।’
थिएटर मालिक ने कहा- हमारा भी बॉलीवुड जैसा हो जाएगा हाल
इसी तरह, चेन्नई के एक थिएटर मालिक ने तमिलनाडु के सिनेमाघरों में थलपति विजय की फिल्म की रिलीज में देरी पर चिंता जाहिर की। ‘जीके सिनेमाज’ के मालिक रुबन मथिवानन ने बताया कि इससे कॉलीवुड में बॉलीवुड जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जहां सिंगल-स्क्रीन थिएटर बंद हो रहे हैं, और बाजार पर मल्टीप्लेक्स चेन का कब्जा हो गया है। रुबन ने 30 जनवरी को X पर एक पोस्ट किया था। वह लिखते हैं, ‘तमिलनाडु के सभी थिएटरों में चिंताजनक स्थिति है। हमें एक सही रिलीज शेड्यूल की जरूरत है और मेकर्स को उस पर टिके रहना चाहिए, उम्मीद है इंडस्ट्री एक साथ आएगी और जरूरी मुद्दों को सुलझाएगी ताकि कॉलीवुड में बॉलीवुड जैसी स्थिति से बचा जा सके।’
‘जन नायकन’ पहली तिमाही में संकट से उबार सकती थी
सिनेमाघर के मालिक ने कहा, ‘साल 2026 की पहली तिमाही संकट की ओर इशारा कर रही है। थिएटर मालिकों के तौर पर हमें ‘जन नायकन’ से बहुत उम्मीदें थीं। अक्टूबर में ‘बाइसन’ और ‘डूड’ के बाद, बड़े बजट की एंटरटेनर फिल्मों की कमी हो गई है। हालांकि ‘आन पावम पोलाथधु’ और ‘सिराई’ ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ‘जन नायकन’ हमारे बिजनेस को फिर से पटरी पर ला सकती थी।’
नवंबर 2025 से ही खस्ता हाल में तमिल सिनेमाघर
तमिल सिनेमाघरों का हाल बीते साल नवंबर 2025 से ही बुरा है। तब से अब तक ऐसी कोई बड़ी फिल्म रिलीज हुई है, जिसने बंपर कमाई की हो। रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ और अब ‘बॉर्डर 2’ ने हिंदी फिल्मों के बाजार को उबारने का काम किया है। लेकिन ऐसा कुछ कॉलीवुड में नहीं हो सका। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यदि यह ट्रेंड जारी रहा, तो कॉलीवुड पर दबाव बढ़ेगा।
थलपित विजय बोले- मुझे मेकर्स के लिए बुरा लग रहा
इस बीच, थलपति विजय ने बीते दिनों पहली बार इस पूरे विवाद चुप्पी तोड़ी। उन्होंने ‘एनडीटीवी’ से बातचीत में कहा कि उन्हें फिल्म के मेकर्स के लिए बुरा लग रहा है, क्योंकि देरी के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है। एक्टर ने यह भी कहा कि वह राजनीति में उतरे हैं, इसलिए उन्हें इस बात की आशंका पहले से थी कि इस कारण उनकी फिल्मों को निशाना बनाया जाएगा। थलपति ने कहा, ‘यह सब राजनीति के कारण हो रहा है। इसलिए मेरी फिल्मों को निशाना बनाया जा रहा है।’













