वीडियो में जावेद अख्तर ने सवाल किया, ‘देश में बाल शिशु मंदिर हैं RSS के बनाए हुए, लाखों की तादाद में, उनमें जिस तरह की एजुकेशन दी जाती है? उस एजुकेशन से जाहिल ही रहे आदमी तो अच्छा है।’ इस पर अटल बिहारी बाजपेयी ने कहा, ‘पहले तो आपने जो शिशु मंदिरों का हवाला दिया है, मुझे लगता है कि शायद आपने उन्हें नजदीक से जाकर नहीं देखा है। मैं उनसे जुड़ा हुआ हूं।’
अटल बिहारी ने जावेद अख्तर की बोलती बंद की
पूर्व प्रधानमंत्री ने जावेद अख्तर की बोलती बंद करते हुए कहा, ‘और वहां साम्प्रदायिक भेदभाव जैसी कोई चीज नहीं। देशभक्ति का भाव जरूर है। देखिए भारत सेक्यूलर है। BJP या RSS की जगह नहीं। 82 फीसदी हिंदू हैं और ये हिंदू के सोचने का तरीका है। हिंदू एक किताब से जुड़ा हुआ नहीं है। हिंदू एक पैगम्बर से जुड़ा हुआ नहीं है। जो ईश्वर को नहीं मानता वो भी हिंदू है। और ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है।
अटल बिहारी-जावेद अख्तर का वीडियो कब का है?
बता दें कि ये इंटरव्यू जावेद अख्तर और प्रितीश नंदी ने 1998 चुनाव के दौरान लिया था, जिनके शो का नाम ‘फेस ऑफ’ था। इसमें गीतकार ने बीजेपी, कांग्रेस और सेक्यूलरिज्म के कॉन्सेप्ट पर सवाल पूछे थे। जिसका ये चंक वायरल हो रहा है और यूजर्स शिशु मंदिर से पढ़े होने पर गर्व जता रहे हैं।













