डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी के मुताबिक, 25 फरवरी की सुबह सिरसपुर के चंदन पार्क के एक घर में अनीता (30) और उनकी तीन बेटियों (उम्र 3, 4 और 5 साल) की धारदार हथियार से गला रेता गया था। महिला का पति मुनचुन केवट जो आजादपुर मंडी में अदरक बेचता था, मौके से गायब मिला।
पुलिस ने खंगाले 800 से ज्यादा CCTV कैमरे
समयपुर बादली एसएचओ शैलेंद्र सिंह जाखड़, एंटी-नारकोटिक्स सेल इंस्पेक्टर गौरव चौधरी, इंस्पेक्टर प्रमोद, स्पेशल स्टाफ आनंद झा के सुपरविजन में 800 से ज्यादा CCTV कैमरों को खंगाला। फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। एक साथ बिहार, तमिलनाडु और राजस्थान में टीम ने छापेमारी की।
संदिग्ध के भागने के रास्ते को दिल्ली के ट्रांसपोर्ट हब से अजमेर के पास एक छोटे से शहर तक ट्रैक किया और आरोपी को किशनगढ़ में पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्याओं को कबूल कर लिया। बताया कि ‘बड़े लोन’ के कारण परिवार बहुत ज्यादा पैसे के दबाव में था, जिससे अक्सर घरेलू झगड़े होते थे। 25 फरवरी की सुबह पत्नी से झगड़े के बाद आरोपी ने हत्या करने से पहले अपने परिवार के सो जाने का इंतजार किया।
वारदात के दो दिन पहले क्या हुआ था?
दरअसल वारदात से दो दिन पहले 23 फरवरी को मुनचुन के गांव के युवक मिथिलेश ने उसे फ़ोन किया और उधार दिए गए 60 हजार रुपये वापस मांगे। मिथिलेश ने कहा कि वह अपनी पत्नी को उसके पास भेज दे। उससे और बच्चों से काम करवाएगा। इससे वह बहुत गुस्सा हो गया। उसने मिथिलेश को ब्लॉक कर दिया और उसी पल अपनी पत्नी को मारने का प्लान बनाया।
23 फरवरी को मंडी से खरीदकर लाया था चाकू
दोपहर करीब 1 बजे उसने मंडी से 90 रुपए में एक बड़ा चाकू खरीदा (कटहल काटने वाला चाकू) और घर पर छिपा दिया। उसने उसी रात उसे मारने की सोची लेकिन ऐसा नहीं कर सका। 24 फरवरी को वह फिर से काम पर गया और दोपहर करीब 1 बजे लौटा। मंगलवार था, और उसका व्रत था। शाम को वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बाजार गया। घर लौटकर उसने थोड़ी खीर खाई। उसकी पत्नी ने बताया कि मिथिलेश ने उसे बुलाया था। रात करीब 11:30 बजे उसका अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ, जिसके बाद वह बच्चों के साथ सोने चली गई। वह पूरी रात सो नहीं सका।
25 फरवरी को सुबह करीब 4 बजे उसने चाकू उठाया और अपनी पत्नी का गला रेत दिया। उसकी बड़ी बेटी जाग गई और रोने लगी, तो उसने उसे भी मार डाला। उसके बाद उसने बाकी दो बेटियों को भी मार डाला। वह खुद को भी मारने वाला था, लेकिन ऐसा नहीं कर सका। उसके बाद वह अजमेर भाग गया। हालांकि पुलिस को आरोपी के दावे में अभी भी संदेह बना हुआ है।














