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  • जोहरान ममदानी को भारी पड़ेगा उमर खालिद को लिखा खत? भारत में निशाने पर आए न्यूयॉर्क के मेयर

    वॉशिंगटन: न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी ने यूएपीए के तहत 2020 से जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद के साथ एकजुटता दिखाई है। अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन समेत कई दूसरे नेताओं ने भी उमर खालिद के समर्थन में अपील की है। उमर खालिद की पार्टनर


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    By Azad Hind Desk जनवरी 2, 2026
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    वॉशिंगटन: न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी ने यूएपीए के तहत 2020 से जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद के साथ एकजुटता दिखाई है। अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन समेत कई दूसरे नेताओं ने भी उमर खालिद के समर्थन में अपील की है। उमर खालिद की पार्टनर बनज्योत्सना लाहिड़ी ने एक्स पर ममदानी के नोट को शेयर किया है। इसके बाद भारत में इस पर प्रतिक्रिया हो रही है।

    जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद दिल्ली दंगों के केस में पांच साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। शपथ के तुरंत बाद ममदानी की ओर से उमर खालिद को लिखे नोट ने भारत में एक बड़े वर्ग का ध्यान खींचा है। कई लोगों ने ममदानी के इस कदम पर एतराज भी जताया है।

    ममदानी के पत्र में क्या है

    खालिद की पार्टनर बानोज्योत्सना लाहिड़ी के X पर शेयर किए गए बिना तारीख वाले पत्र में ममदानी ने लिखा है, ‘प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं। आपके माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं।’

    खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उनके परिवार ने पिछले दिसंबर में अमेरिका यात्रा के दौरान ममदानी से मुलाकात की थी। इलियास ने ममदानी से उनकी चुनावी जीत पर बधाई देने के लिए समय मांगा था, जिसके बाद ममदानी और उनकी पत्नी रमा दुवाजी के साथ मुलाकात हुई।

    अमेरिकी सांसदों ने रिहाई की मांग की

    अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद को जमानत देने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है। आठ अमेरिकी सांसदों ने खालिद समेत फरवरी 2020 में दिल्ली में हुई हिंसा के सिलसिले में आरोपी व्यक्तियों की लंबे समय तक प्री-ट्रायल हिरासत के बारे में चिंता जताई है।

    अमेरिकी सांसदों के पत्र में कहा गया है कि अमेरिका और भारत एक लंबी रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जो ऐतिहासिक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक शासन और मजबूत लोगों के बीच संबंधों पर आधारित है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, कानून के शासन और मानवाधिकारों की भावना से हम खालिद की हिरासत के संबंध में अपनी चिंताएं उठा रहे हैं।

    अमेरिकी नेताओं की टिप्पणी पर विवाद

    फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोगों खासतौर से दक्षिणपंथी गुटों के नेताओं ने ममदानी पर गुस्सा निकाला है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने खालिद पर अमेरिकी सांसदों के पत्र को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने सितंबर 2024 में गांधी के अमेरिकी दौरे के दौरान जेनिस शाकोव्स्की के साथ उनकी एक तस्वीर का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता के भारत विरोधी रुख का आरोप लगाया।

    विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक बयान में कहा कि हैरानी की बात है कि 34 साल का यह व्यक्ति भारत को निष्पक्ष सुनवाई के बारे में ज्ञान दे रहा है। वह अमेरिका में फैले नस्लवाद के खिलाफ बोलते तो समझ में आता। जब वहां हमारे मंदिरों पर हमले होते हैं तो वह चुप क्यों रहते हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होता है तो वह नहीं बोलते हैं।

    उमर खालिद का केस

    उमर खालिद को दिल्ली में हुए दंगों के मामले में सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हुए थे। उमर पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई घातक हिंसा के मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा है।

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