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  • जोहो ने लॉन्च किया ईआरपी, बिजनेस में मिलेगी मदद, हिसाब-किताब से लेकर बिक्री-खरीद तक कर सकेंगे मैनेज

    नई दिल्ली: चेन्नई की ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन ( Zoho Corporation ) अब एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सॉफ्टवेयर मार्केट में उतर गई है। यह बाजार 63 अरब डॉलर का है। जोहो का लक्ष्य Oracle और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना है। कंपनी ने अपना एक इंटीग्रेटेड ईआरपी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह


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    By Azad Hind Desk जनवरी 23, 2026
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    नई दिल्ली: चेन्नई की ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन ( Zoho Corporation ) अब एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सॉफ्टवेयर मार्केट में उतर गई है। यह बाजार 63 अरब डॉलर का है। जोहो का लक्ष्य Oracle और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना है। कंपनी ने अपना एक इंटीग्रेटेड ईआरपी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो किसी कंपनी के सभी जरूरी कामों को एक साथ मैनेज करने में मदद करता है, जैसे कि हिसाब-किताब, सामान का स्टॉक, बिक्री, खरीद और कर्मचारियों का मैनेजमेंट आदि।

    जोहो के फाइनेंस और ऑपरेशंस के ग्लोबल हेड शिवरामाकृष्णन ईश्वरन ने बताया कि बाजार में मौजूद ईआरपी सिस्टम में कुछ बड़ी कमियां हैं। यहीं पर जोहो के लिए आगे बढ़ने का मौका है। उन्होंने कहा कि बाजार में कई ईआरपी सिस्टम बहुत जटिल, महंगे होते हैं और उन्हें लागू करने में बहुत समय लगता है। ये सिस्टम अक्सर कंसल्टेंट्स को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। लेकिन कंपनियों की असली समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
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    क्या है इस सॉफ्टवेयर में खास?

    जोहो का कहना है कि दूसरे पारंपरिक ईआरपी सिस्टम के मुकाबले उनके नए ईआरपी प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शुरुआत से ही जोड़ा गया है। इसकी मदद से आप आवाज से कमांड दे सकते हैं, आने वाले समय के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं और किसी भी गड़बड़ी का पता लगा सकते हैं।

    ईश्वरन ने बताया कि ईआरपी ईआरपी में डायरेक्ट बैंकिंग इंटीग्रेशन है। इसका मतलब है कि आपको किसी तीसरे पक्ष के सॉफ्टवेयर या मुश्किल कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सीधे ईआरपी के अंदर ही कलेक्शन और पेमेंट को मैनेज करता है। साथ ही, टैक्स और सरकारी नियमों का पालन भी इसमें शामिल है।

    मिलेंगी ये सुविधाएं

    जोहो ईआरपी एक ही प्लेटफॉर्म पर कोर फाइनेंशियल मैनेजमेंट, बिलिंग मैनेजमेंट, स्पेंड मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ओमनीचैनल कॉमर्स, और पेरोल मैनेजमेंट को एक साथ लाता है। यह सॉल्यूशन एसेट मैनेजमेंट, बजटिंग और कंटीन्यूअस फाइनेंशियल क्लोज की सुविधा भी देता है। साथ ही मजबूत फाइनेंशियल कंट्रोल और ऑडिट ट्रेल भी प्रदान करता है। यह सॉल्यूशन GST और ई-इनवॉइसिंग के अनुरूप है।

    इसमें IFRS 15 और ASC 606 स्टैंडर्ड्स के हिसाब से रेवेन्यू रिकग्निशन की क्षमता भी है, जिससे कंप्लायंस आसान हो जाता है और रेवेन्यू की सटीक जानकारी मिलती है। पेरोल की सुविधा भारतीय व्यवसायों के लिए खास तौर पर बनाई गई है। इसमें एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ), एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस (ईएसआई), टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस), प्रोफेशनल टैक्स, लेबर वेलफेयर फंड जैसे नियमों का ऑटोमेटेड कंप्लायंस शामिल है, जिससे सैलरी की प्रोसेसिंग समय पर और सही तरीके से होती है।

    क्या है कंपनी का प्लान?

    जोहो के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बु ने बताया कि जोहो ईआरपी बनाने वाली टीम का एक हिस्सा तमिलनाडु स्थित कुंभकोणम के उनके रीजनल ऑफिस में काम करता है। जैसे-जैसे यह प्रोडक्ट दुनिया भर में फैलेगा, जोहो अपनी ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए स्थानीय प्रतिभाओं को काम पर लेना जारी रखेगा। फिलहाल कुंभकोणम में उनके करीब 200 कर्मचारी हैं। वे 2000 लोगों के बैठने की क्षमता वाली एक नई सुविधा बनाने की योजना बना रहे हैं।

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