कब की थी Grok ने भविष्यवाणी?
दरअसल The Jerusalem Post (REF.) ने तमाम AI चैटबॉट्स के साथ एक प्रयोग किया था। इसमें चैटबॉट्स से अंदाजा लगाने के लिए कहा गया था कि जब अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। इस प्रयोग का मकसद ये जानना था कि इस तरह के सवालों से बचने के लिए कंपनियों ने अपने लार्ज लैंगवेज मॉडल्स को किस तरह से तैयार किया है?
इस प्रयोग में सभी AI चैटबॉट्स को एक सा ही प्रॉम्प्ट दिया गया था। इस सवाल के जवाब में Anthropic के Claude, Google के Gemini, xAI के Grok और OpenAI के ChatGPT ने अलग-अलग जवाब दिए थे।
Grok ने दो बार बताया 28 फरवरी
जब पहली बार ग्रोक से पूछा गया, तो उसने बिना किसी उलझन के शनिवार, 28 फरवरी की तारीख बताई। उसने इस तारीख को जिनेवा में होने वाली बातचीत के नतीजों से जोड़कर देखा था। जब Grok के साथ इसे दोबारा चेक किया गया, तो ग्रोक के अंदाज में थोड़ा बदलाव आया। उसने माना कि ऐसी चीजों में अनिश्चितता होती है, लेकिन इसके बावजूद उसने फिर से 28 फरवरी की ही तारीख दोहराई।
Grok कैसे कर पाया भविष्यवाणी?
Grok कैसे ये सटीक भविष्यवाणी कर पाया, इसे समझने के लिए गौर करना पड़ेगा कि Grok एलन मस्क की कंपनी xAI का प्रोडक्ट है और ये उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से भी कनेक्टेड है। इसके चलते X की पहुंच ब्रेकिंग न्यूज और लोगों द्वारा शेयर होने वाले स्क्रीनशॉट्स तक है। रिपोर्ट के मुताबिक Grok ने सिर्फ एक तुक्का मारा था लेकिन एलन मस्क और X के नेटवर्क ने इसे एक बहुत बड़ी बात बना दिया।












