स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने बढ़ाया विवाद
ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले अपने सबसे मजबूत खिलाड़ियों को इस दौरे से बाहर रखा है। आराम दिए गए खिलाड़ियों की सूची में पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड और नाथन एलियास जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इतना ही नहीं, पहले मैच की प्लेइंग-11 से कप्तान मिचेल मार्श, मार्कस स्टोइनिस और जोश इंगलिश जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी बाहर रखा गया। ऑस्ट्रेलिया का तर्क है कि ये खिलाड़ी चोटों से उबर रहे हैं और उन्हें वर्ल्ड कप के लिए तरोताजा रखने की जरूरत है, लेकिन पाकिस्तान में इसे सीरीज की गंभीरता कम करने के तौर पर देखा जा रहा है।
पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने बताया फैंस का अपमान
ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तानों और विश्लेषकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। क्रिकेट विश्लेषक ओमैर अलवी ने इसे सीधे तौर पर फैंस का अपमान करार दिया है। उनका कहना है कि टूरिंग स्क्वाड में मौजूद अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को न खिलाना समझ से परे है। वहीं पूर्व कप्तान मोईन खान ने दुख जताते हुए कहा कि हाल के दिनों में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें भी पाकिस्तान में अपनी बी-टीम भेज रही हैं। ऐसा लगता है जैसे बड़ी टीमें यहां आने की सिर्फ औपचारिकता पूरी कर रही हैं, जिससे पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट और सीरीज के रोमांच को भारी नुकसान हो रहा है।
पूर्व चयनकर्ताओं और दिग्गजों की नाराजगी
पूर्व मुख्य चयनकर्ता हारून रशीद ने भी इस स्थिति पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले समान एशियाई परिस्थितियों में अभ्यास करने के बजाय मुख्य खिलाड़ियों को बाहर बैठाना काफी भ्रमित करने वाला फैसला है। दिग्गजों का मानना है कि जब बड़ी टीमें कमजोर खिलाड़ियों के साथ आती हैं, तो इससे पाकिस्तान की टीम को वो वास्तविक अनुभव नहीं मिल पाता जिसकी उन्हें बड़े टूर्नामेंट्स के लिए जरूरत होती है। ऑस्ट्रेलिया साल 2022 के बाद पहली बार पाकिस्तान का दौरा कर रहा है, लेकिन मुख्य सितारों की कमी ने इस ऐतिहासिक मौके को फीका कर दिया है।













