रिंकू सिंह को छोड़नी पड़ी थी टीम
रिंकू सिंह को एक पारिवारिक इमरजेंसी के कारण अचानक टीम को छोड़ना पड़ा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिंकू के पिता खानचंद सिंह की तबीयत काफी बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सोमवार को टीम के साथ चेन्नई पहुंचने के बावजूद पिता की नाजुक हालत की खबर मिलते ही रिंकू मंगलवार अपने घर के लिए रवाना हो गए थे।
बल्लेबाजी कोच ने दी खबर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोटक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ‘रिंकू सिंह आज शाम वापस आ रहे हैं। उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से उन्हें जाना पड़ा था। हमें उम्मीद है कि वह आज देर शाम तक हमारे साथ होंगे।’ कोच के इस बयान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिसमें उनके टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि रिंकू आगे मैच में प्लेइंग 11 का हिस्सा होंगे या नहीं।
अब तक चला नहीं है रिंकू सिंह का बल्ला
रिंकू ने टूर्नामेंट में भारत के लिए सभी पांच मैच खेले हैं। लेकिन इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ 24 रन निकले हैं। हालांकि लोअर ऑर्डर में रिंकू टीम इंडिया के बेहद महत्वपूर्ण बल्लेबाज रहे हैं और आगे जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में वे भारतीय टीम के लिए बेहद जरूरी रहने वाले हैं।
रिंकू सिंह के पिता को है कैंसर
रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू के पिता चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से पीड़ित हैं और वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। रिंकू सिंह के पिता उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक खाना पकाने की गैस कंपनी के लिए एलपीजी सिलेंडर वितरणकर्ता के रूप में लंबे समय से काम कर रहे थे। उन्होंने अपनी पारिवारिक समस्याओं से जूझने के बाद भी अपने बेटे को एक बड़ा क्रिकेटर बनाया। रिंकू ने पहले आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए नाम कमाया और उसके बाद वे टीम इंडिया के लोअर ऑर्डर की जान बन चुके हैं।














