नवंबर में निर्यात करीब 20% बढ़ा था। दिसंबर में सिल्वर का इंपोर्ट 79.66% बढ़कर 75.8 करोड़ डॉलर का रहा। इस वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर तक वस्तुओं का कुल निर्यात सालाना 2.44% बढ़कर 330.29 बिलियन डॉलर हो गया। दिसंबर में चीन को निर्यात 67.35% बढ़कर 204.7 करोड़ डॉलर का रहा। वहां से आयात 20.01% बढ़कर 1169.2 करोड़ डॉलर का रहा। वहीं, दिसंबर में अमेरिका को निर्यात सालभर पहले से 1.83% घटकर 688.6 करोड़ डॉलर रहा। अमेरिका का 50% टैरिफ 27 अगस्त को लागू हुआ था। उसके बाद सितंबर से दिसंबर तक अमेरिका को निर्यात 25.6 बिलियन डॉलर का रहा, जो सालभर पहले की इसी अवधि में 25.8 बिलियन डॉलर पर था।
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‘चुनौतियों के बावजूद बढ़ रहा एक्सपोर्ट’
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद एक्सपोर्ट बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘इस वित्त वर्ष में वस्तुओं का निर्यात 450 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है और सेवाओं सहित कुल निर्यात 850 बिलियन डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है।’ FIEO के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा, ‘अप्रैल-दिसंबर के दौरान निर्यात में बढ़ोतरी निर्यातकों की क्षमता का प्रमाण है।’ दिसंबर में मुख्य रूप से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स एंड जूलरी, चावल, प्लास्टिक और लेदर प्रोडक्ट्स के निर्यात में कमी आई। वहीं, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पादों और दवाओं का निर्यात बढ़ा।












