अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन, भारतीय सामान पर अपना टैरिफ मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिसके बदले में नई दिल्ली रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और ट्रेड बैरियर कम करेगा। इसका बांग्लादेश और पाकिस्तान की कपड़ा इंडस्ट्री पर बहुत बुरा असर होगा। बांग्लादेशी सामानों पर अमेरिका ने 20 प्रतिशत का और पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत का टैरिफ लगाया हुआ है।
मोहम्मद यूनुस ने उड़ाया था भारत का मजाक
आपको याद होगा कि कैसे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने टैरिफ को लेकर भारत का मजाक उड़ाया था। उन्होंने ब्रिटिश अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए इंटरव्यू में भारत पर तंज कसा था। उन्होंने बांग्लादेश-अमेरिका ट्रेड डील की तारीफ करते हुए कहा था कि “अमेरिका के साथ जिस तरह का ट्रेड डील हमने किया है, उससे हम बहुत खुश हैं। हमारे ऊपर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है जो बिल्कुल सही है और ये उतना ज्यादा नहीं है, जिससे की हम चिंतित हों।” तभी मेहदी हसन ने भारत का जिक्र कर दिया।
जिसके बाद मोहम्मद यूनुस ने तत्काल भारत का मजाक उड़ाते हुए तंज कस दिया था। उन्होंने कहा था कि “ओह्ह, भारत पर बहुत ज्यादा टैरिफ है। और मैं अकसर कहता रहता हूं कि भारतीय इंडस्ट्री बांग्लादेश आकर अपना सेटअप तैयार करेगी, क्योंकि उनपर इतना ज्यादा असर पड़ेगा।” खैर वक्त बीता और आज की तारीख में हकीकत ये है कि बांग्लादेश टेक्सटाइल एसोसिएशन ने कपड़ा इंडस्ट्री की बेहाल हालत के बाद 1 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी थी। हालांकि फिलहाल ये हड़ताल टल गया है और अब नई सरकार के गठन के बाद हड़ताल को लेकर अगली घोषणा की जाएगी। लेकिन यूरोप के बाद अमेरिका-भारत ट्रेड डील से बांग्लादेश पर क्या असर होगा, आइये ये जानते हैं।
भारत के ट्रेड डील से बांग्लादेश पर क्या असर होगा?
भारतीय प्रोडक्ट्स पर अब अमेरिकी टैरिफ चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम जैसी दूसरी बड़ी एशियाई इकोनॉमी की तुलना में सबसे कम हो गया है। इन देशों पर 18 प्रतिशत से ज्यादा अमेरिकी टैरिफ है। भारत के पड़ोस में जिन देशों पर ज्यादा ड्यूटी लगाई गई है, उनमें वियतनाम (20 प्रतिशत), बांग्लादेश (20 प्रतिशत), पाकिस्तान (19 प्रतिशत), मलेशिया (19 प्रतिशत), कंबोडिया (19 प्रतिशत) और थाईलैंड (19 प्रतिशत) शामिल हैं। इसीलिए अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद अब इन देशों के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध होगीं। खासकर बांग्लादेश, यूरोप और अमेरिका में सबसे ज्यादा कपड़े बेचता है और उसपर सबसे गंभीर असर होगा।
बांग्लादेश को अभी तक यूरोपीय बाजार में EBA स्कीम के तहत ड्यूटी फ्री एक्सेस था, जबकि भारतीय उत्पाद पर 10-12 प्रतिशत का टैरिफ लगता था। अब यूरोप के साथ ट्रेड डील से भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म हो जाएंगे और बांग्लादेश, भारत के विशाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और सप्लाई लाइन का मुकाबला नहीं कर सकता है, इसलिए 2029 के बाद यूरोपीय बाजार में बांग्लादेश की 50 प्रतिशत निर्यात खत्म होने की आशंका जताई गई है। इसीलिए मोहम्मद यूनुस ने यूरोपीय यूनियन के अधिकारियों से इसी हफ्ते मुलाकात की है और ट्रेड डील करने की गुहार लगाई है।
भारत-US व्यापार समझौते का बांग्लादेश पर क्या होगा प्रभाव
हालांकि भारत पर अभी भी अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत रहेगा, लेकिन बांग्लादेश पर लगाए गये 20 प्रतिशत से कम रहेगा। भारत अमेरिका ट्रेड डील होते ही ढाका में निर्यातकों ने तत्काल नतीजों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। अमेरिका के खरीददार अब बांग्लादेशी निर्यात का मूल्यांकन कर सकते हैं। नई टैरिफ व्यवस्था लागू होने के बाद अमेरिकी बाजार में बांग्लादेश और भारत के कपड़ों की कीमत में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा आ गई है। कीमत एक समान होने से अब पूरा फोकस क्लालिटी पर होगी और मजबूत सप्लाई लेन वाला देश भारत को फायदा होगा।













