निर्देशक गीतु मोहनदास की इस फिल्म ‘टॉक्सिक’ को बार-बार ‘बड़ों के लिए एक परीकथा’ कहा गया है, जिससे साफ लग रहा है कि फिल्म में किरदारों के नाम काफी सोच-समझकर रखे गए हैं। बता दें कि राया सिर्फ एक कूल नाम नहीं है, बल्कि इस नाम में कई लेयर हैं, ये सिम्बॉलिक और ग्लोबल भी है।ये नाम फिल्म मेंगढ़ी जा रही दुनिया का प्रतीक है।
प्रसिद्ध शासक कृष्ण देव राया जैसे ऐतिहासिक शख्सियत से भी जोड़कर देख सकते
बता दें कि संस्कृत में ‘राया’ का मतलब राजा या शासक होता है, जो इस फिल्म में यश के किरदार पर बहिल्कुल फिट बैठ रहा है। टीजर में दिखाई गई उनकी दमदार मौजूदगी सहज भी है और दबदबे के साथ लीडरशिप का भी प्रतीक है। इस फिल्म के टीजर को देखकर भारतीय दर्शक यश के इस नाम को विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक कृष्ण देव राया जैसे ऐतिहासिक शख्सियत से भी जोड़कर देख सकते हैं जो अपनी स्ट्रैटिजी टैलेंट के लिए जाने जाते थे।
‘टॉक्सिक’ का हीरो जो शासन अपनी कीमत पर करना जानता है
हालांकि, राया कोई क्लासिक हीरो नहीं है। ‘टॉक्सिक’ का टीजर बस नैतिक रूप से अस्पष्ट सम्राट की झलक दिखाता है यानी एक ऐसा शासक जो शासन तो करता है लेकिन एक कीमत पर। राया अपने आसपास हो रही हर चीज को वश में करना खूब जानता है। वो भीड़ का हिस्सा नहीं और खतरनाक भी है।
यश के किरदार राया का मतलब
शासन से अलग राया गति एक मोशन की तरह है जो कभी ठहरता या थमता नहीं है। संस्कृत में, यह प्रवाह, गति और धारा को दर्शाता है। हर सीन में एक बेचैनी है हलचल है और साथ ही राया आकर्षण, खतरा और विनाश से भी भरा है। राया के हिब्रू अर्थ की बात करें तो इसका मतलब दोस्त या प्रिय को दर्शाता है। दरअसल उसके खूंखार और डरावने बाहरी झलकियों के पीछे चाहत और जुड़ाव की संभावना भी है। यश की इस फिल्म का टीजर एक ऐसे किरदार की कहानी कहता है जिससे लोग डरते हैं, लेकिन उसमें प्यार की क्षमता है।
गीतु मोहनदास के डायरेक्शन में बनी ‘टॉक्सिक’
गीतु मोहनदास के डायरेक्शन में बनी ‘टॉक्सिक’ बड़ों के लिए एक परीकथा है, जो किसी रहस्यमयी लोककथा की तरह ये बताता है कि कैसे राजा अत्याचारी बन सकते हैं और सेलिब्रेशन अत्याचार में बदल सकता है और प्रेम जुनून में चेंज हो सकता है। राया का नाम अथॉरिटी, मोशन और इमोशन का प्रतीक है और ये ऐसे गुण हैं जो अपनी शक्ति से खतरा पैदा कर सकता है।














