इस समझौते के तहत वर्ल्ड लिबर्टी के स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए किया जा सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वर्ल्ड लिबर्टी का किसी राष्ट्रीय सरकार के साथ सार्वजनिक रूप से घोषित पहला बड़ा समझौता है। वर्ल्ड लिबर्टी एक ऐसी वित्तीय कंपनी है जो क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़ी है। इसे सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया था।
$1=1400000 रियाल… अमेरिका की ‘मार’ कैसे झेल पाएगा ईरान, कितने पानी में है देश की इकॉनमी?
समझौते में क्या-क्या बातें?
- इस समझौते के तहत वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के साथ मिलकर काम करेगी।
- इसका मकसद अपने USD1 स्टेबलकॉइन को एक ऐसे डिजिटल भुगतान सिस्टम में शामिल करना है जिस पर नियम लागू हों।
- रॉयटर्स के अनुसार इससे यह स्टेबलकॉइन पाकिस्तान के मौजूदा डिजिटल करेंसी सिस्टम के साथ काम कर सकेगा।
पाकिस्तान ने साइन की डील
इस समझौते में SC फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज का भी नाम है, जो वर्ल्ड लिबर्टी से जुड़ी एक कम जानी-मानी कंपनी है। पाकिस्तान ने बुधवार को इस समझौते पर साइन कर दिए। पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने बताया कि SC फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज के साथ हुए इस एमओयू (समझौते) से नई डिजिटल पेमेंट व्यवस्थाओं को समझने और उन पर बातचीत करने में मदद मिलेगी।
पाकिस्तान को क्या फायदा?
यह डील पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कदम है। पाकिस्तान सरकार चाहती है कि लोग कम से कम नकद का इस्तेमाल करें और विदेशों से पैसे भेजना आसान हो जाए। क्रिप्टोकरेंसी और स्टेबलकॉइन इसमें मदद कर सकते हैं। पाकिस्तान में बहुत सारे लोग क्रिप्टो का इस्तेमाल करते हैं और हर साल बहुत बड़ी रकम रेमिटेंस (विदेशों से पैसे भेजने) के तौर पर आती है। इसलिए पाकिस्तान इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है। ‘वर्ल्ड लिबर्टी’ जैसी कंपनी के साथ जुड़कर पाकिस्तान नई तकनीक को समझना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यह सब नियमों के दायरे में रहे और देश के हित में हो।
क्या है वर्ल्ड लिबर्टी और स्टेबलकॉइन?
- वर्ल्ड लिबर्टी एक क्रिप्टो-आधारित फाइनेंस प्लेटफॉर्म है, जिसे सितंबर 2024 में शुरू किया गया था।
- यह एक तरह का डिजिटल वॉलेट है जो दुनिया भर में पैसे भेजने और पाने को आसान बना सकता है।
- वहीं स्टेबलकॉइन एक खास तरह की डिजिटल करेंसी होती है जिसकी कीमत किसी स्थिर चीज (जैसे अमेरिकी डॉलर) के बराबर रखी जाती है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का डर कम हो जाता है।
- दुनियाभर की सरकारें भी यह देख रही हैं कि स्टेबलकॉइन को भुगतान के तरीकों और बड़े वित्तीय सिस्टम में कैसे शामिल किया जा सकता है।
ट्रंप फैमिली के रेवेन्यू में तेजी
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ल्ड लिबर्टी ने पिछले साल के पहले छह महीनों में ट्रंप परिवार के सभी बिजनेस के रेवेन्यू में बड़ा योगदान दिया था। इसमें विदेशों से होने वाली कमाई भी शामिल है। ट्रंप परिवार के सभी बिजनेस को सामूहिक रूप से ट्रंप ऑर्गनाइजेशन कहा जाता है।














