ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में भारत की रैंकिंग
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का कहना है कि करप्शन परसेप्शन इंडेक्स पब्लिक सेक्टर में करप्शन का सबसे बड़ा ग्लोबल इंडिकेटर है। इसमें भारत का स्कोर इस साल 39 है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 1 का बदलाव हुआ है। इससे भारत ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में 91वें नंबर पर है। भारत में डिजिटल लिटरेसी बढ़ने, लोगों के आवाज उठाने, प्रशासनिक सुधारों के कारण भ्रष्टाचार धीरे-धीरे कम हो रहा है, हालांकि इसे सूची में शामिल शीर्ष देशों के स्टैंडर्ड के हिसाब से करने के लिए बहुत अधिक काम करना बाकी है।
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 शीर्ष 10 देश
| क्रम संख्या | देश का नाम | ग्लोबर करप्शन इंडेक्स रैंकिंग | करप्शन परसेप्शन इंडेक्स |
| 1 | डेनमार्क | 1 | 89 |
| 2 | फिनलैंड | 2 | 88 |
| 3 | सिंगापुर | 3 | 84 |
| 4 | न्यूजीलैंड | 4 | 81 |
| 5 | नॉर्वे | 4 | 81 |
| 6 | स्वीडन | 6 | 80 |
| 7 | स्विट्जरलैंड | 6 | 80 |
| 8 | लक्जमबर्ग | 8 | 78 |
| 9 | नीदरलैंड | 8 | 78 |
| 10 | जर्मनी | 10 | 77 |
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में पहले स्थान पर डेनमार्क है। उसका करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 89 है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का मानना है कि डेनमार्क में दुनिया में सबसे कम भ्रष्टाचार है। ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में दूसरे स्थान पर फिनलैंड, तीसरे स्थान पर सिंगापुर, चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड, पांचवें स्थान पर नॉर्वे, छठे स्थान पर स्वीडन, सातवें स्थान पर स्विट्जरलैंड, आठवें स्थान पर लक्जमबर्ग, नौवें स्थान पर नीदरलैंड और दसवें स्थान पर जर्मनी है।
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में एशियाई देशों का हाल
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में चीन 73वें स्थान पर है। इनके अलावा भूटान को 18वां स्थान मिला है। इस सूची में नेपाल 76वें स्थान पर है। ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में पाकिस्तान को 136वें नंबर पर रखा गया है। अफगानिस्तान और म्यांमार संयुक्त रूप से 169वें स्थान पर हैं। वहीं, श्रीलंका को 107वां स्थान मिला है। मालदीव, भारत के साथ संयुक्त रूप से 91वें नंबर पर काबिज है।













