डेनमार्क की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरक्राफ्ट का रूट फाइटर विंग स्काइडस्ट्रप से सीधे ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर कुलसुक के आसपास इलाके तक गया। फ्रांसीसी टैंकर एयरक्राफ्ट दक्षिणी फ्रांस में अपने बेस से रवाना हुआ और ग्रीनलैंड में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वहीं लौट आया। ट्रेनिंग मिशन के दौरान यह उत्तरी अटलांटिक में फरो आइलैंड्स के ऊपर से भी गुजरा।
अमेरिका से तनाव के बीच हुआ मिशन
डेनमार्क का यह ट्रेनिंग मिशन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि उन्हें ग्रीनलैंड से कम कुछ मंजूर नहीं है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और गोल्डेन डोम डिफेंस सिस्टम के लिए जरूरी बताया है। वॉइट हाउस ने ग्रीनलैंड के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया है।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने दी नई धमकी
एक दिन पहले ही ट्रंप ने अपनी धमकी को डेनमार्क से आगे बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी जो ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण का समर्थन नहीं करते हैं। वॉइट हाउस में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर देश ग्रीनलैंड के मामले में साथ नहीं देते हैं, तो मैं उन पर टैरिफ लगा सकता हूं, क्योंकि हमें नेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है।
ट्रंप पिछले कई महीनों से कह रहे हैं कि अमेरिका का इस इलाके पर नियंत्रण होना चाहिए, लेकिन यह पहली बार है जब उन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप की ताजा धमकी यूरोपीय देशों के ग्रीनलैंड में सैनिक भेजे जाने के एक दिन बाद आई। वहीं, डेनमार्क ने कहा है कि वह द्वीप की सुरक्षा के लिए बड़ी और ज्यादा स्थायी NATO मौजूदगी स्थापित करने की योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है।













