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  • डॉ. आंचल ने खोली लंबा रहने वाले काजल की सच्चाई, बोलीं- बहन प्लास्टिक लगाना बंद करो, नहीं रोका तो होंगी कई समस्या

    हम सभी के आसपास कई महिलाएं ऐसी होती हैं, जो मेकअप किये बिना घर से बाहर निकलती तक नहीं हैं। वहीं, बहुत ज्यादा संख्या में महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो प्रेजेंटेबल दिखने के लिए पूरा मेकअप नहीं करती हैं। बस आंखों में एक काजल लगाकर काम चला लेती हैं। इससे आंखें बहुत अट्रैक्टिव दिखती


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    By Azad Hind Desk जनवरी 6, 2026
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    हम सभी के आसपास कई महिलाएं ऐसी होती हैं, जो मेकअप किये बिना घर से बाहर निकलती तक नहीं हैं। वहीं, बहुत ज्यादा संख्या में महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो प्रेजेंटेबल दिखने के लिए पूरा मेकअप नहीं करती हैं। बस आंखों में एक काजल लगाकर काम चला लेती हैं। इससे आंखें बहुत अट्रैक्टिव दिखती हैं। आप इस बात का पता ऐसे भी लगा सकते हैं कि फिल्मों में ज्यादातर गाने महिलाओं की आंखों और काजल की तारीफ करते हुए ही बनाए जाते हैं। अब बात ये है कि काजल देश की संस्कृति का भी हिस्सा रहा है। मगर बदलते समय ने काजल को नहीं, लेकिन इसके रूप को जरूर बदला है। लगातार पैर पसार रही ब्यूटी कंपनीज ने काजल में कई बदलाव किये हैं।

    काजल में किस तरह के हुए बदलाव?

    दरअसल, पहले भारतीय माताएं और बहनें काजल को घर पर ही बनाती थीं। ये काजल शुद्ध और हर तरह के केमिकल से दूर होता था। मगर बदलते वक्त के साथ काजल बाजारों में बिकने लगा। आमतौर पर काजल को आंखों में लगाया जाता था। ये कुछ घंटों तक रहता था और खुद ही हट जाता था। इस तरह के काजल के फैलने की भी परेशानी ज्यादा रहती थी। मगर फिर काजल को बदलकर वाटरप्रूफ और ना फैलने वाला बनाया गया। आज तो कुछ ऐसे हाल हैं कि काजल एक बार लगाने के बाद 12 घंटों तक कहीं नहीं जाता है। इसने फैलना भी बंद कर दिया है।

    काजल का नहीं फैलना सही है?

    अब ये सुनने में कितना सही लगता है कि हमने एक बार काजल लगाया और ये काजल तब तक कहीं नहीं जाएगा, जब तक हम खुद इसे हटाने की कोशिश ना करें। इसे पढ़कर ऐसा लगता है कि मानों महिलाओं की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो गया हो। मगर क्या ये पूरी स्थिति सच में इतनी अच्छी है, जितनी हमें और आप को फिलहाल महसूस हो रही है? इस सवाल का जवाब डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने अपनी इंस्टाग्राम वीडियो में दिया है। आइए डॉक्टर से इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

    डॉक्टर ने क्या कहा?

    डॉक्टर आंचल ने कहा कि जितने भी लंबे समय तक चलने वाले काजल बाजार में बिकते हैं, ये शुद्ध नहीं होते हैं। इन्हें लॉन्ग लास्टिंग बनाने के लिए कंपनी प्लास्टिक का इस्तेमाल करती हैं। इन काजलों में सिलिकॉन और पॉलिमर होते हैं, जो इन्हें आंखों में लंबे समय तक लगे रहने देते हैं। इससे ड्राई स्किन, इरिटेशन और डार्क सर्कल्स के कई गुना बढ़ने की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही, बुढ़ापे की निशानियां, झुर्रियां और झाइयों की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में आपको काजल लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह पर आप डार्क आई शैडो का इस्तेमाल कर सकती हैं।

    काजल को कब लगाएं?

    डॉक्टर आंचल ने कहा कि आप काजल को कभी-कभी लगा सकते हैं। आपको इसे रोजाना नहीं लगाना चाहिए। काजल आंखों को खूबसूरत दिखाता है, लेकिन इससे आंखों एलर्जी, इंजेक्शन, लालामी, सूजन और कंजंक्टिवाइटिस जैसी दर्दनाक समस्या भी हो सकती है। अगर आप खुद को इन समस्याओं से बचाना चाहते हैं, तो काजल का इस्तेमाल बहुत कम करना ही फायदेमंद होगा।

    (डिस्क्लेमर: लेख में दिए गए नुस्खे की जानकारी व दावे पूरी तरह से यूट्यूब पर प्रकाशित वीडियो पर आधारित हैं। आज़ाद हिन्द इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

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